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  • लगातार सातवें दिन हुई Petrol, Diesel के दाम में बढ़ोतरी
    पेट्रोल के दाम सोमवार को दिल्ली में 29 पैसे, कोलकाता और मुंबई में 28 पैसे, जबकि चेन्नई में 31 पैसे प्रति लीटर बढ़ गए. डीज़ल के दाम में दिल्ली में 19 पैसे कोलकाता और चेन्नई में 20 पैसे जबकि मुंबई में 21 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि हुई. इंडियन ऑयल की वेबसाइट के अनुसार, दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में पेट्रोल के दाम बढ़कर क्रमश: 73.91 रुपये, 76.60 रुपये, 79.57 रुपये और 76.83 रुपये प्रति लीटर हो गए हैं. चारों महानगरों में डीज़ल के दाम भी बढ़कर क्रमश: 66.93 रुपये, 69.35 रुपये, 70.22 रुपये और 70.76 रुपये प्रति लीटर हो गए हैं.
  • Petrol-diesel के आज के दाम : लगातार चौथे दिन बढ़ोतरी, दिल्ली में पेट्रोल फिर 73 के पार
    पेट्रोल शुक्रवार को दिल्ली में 35 पैसे, कोलकाता और मुंबई में 34 पैसे, जबकि चेन्नई में 37 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया, जो जुलाई के बाद की सबसे तेज वृद्धि है. डीज़ल के दाम में भी फिर दिल्ली और कोलकाता में 28 पैसे, जबकि मुंबई और चेन्नई में 30 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में आई तेजी के कारण पेट्रोल और डीज़ल के दाम में रोज वृद्धि का सिलसिला जारी है.
  • Petrol, Diesel की कीमतें फिर बढ़ीं, जानें, आज क्या है आपके शहर में पेट्रोल-डीज़ल का दाम
    इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन की सूचना के अनुसार, दिल्ली में गुरुवार को पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें क्रमशः 72.71 रुपये प्रति लीटर तथा 66.01 रुपये प्रति लीटर हो गईं. मुंबई में गुरुवार को पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें बढ़कर क्रमशः 78.39 रुपये प्रति लीटर तथा 69.24 रुपये प्रति लीटर हो गईं.
  • Petrol-Diesel के आज के दाम कैसे जानें अपने शहर में, SMS के ज़रिये
    देश में फिलहाल पेट्रोल और डीज़ल के दाम सरकारी तेल विपणन कंपनियों द्वारा तय किए जाते हैं, जिनमें इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम (Bharat Petroleum) तथा हिन्दुस्तान पेट्रोलियम (Hindustan Petroleum) शामिल हैं. पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में बदलाव दैनिक स्तर पर किया जाता है, और हर रोज़ किए जाने वाले बदलाव देशभर के पेट्रोल पंपों पर सुबह 6 बजे से लागू किए जाते हैं.
  • आज के Petrol, Diesel के दाम : दिल्ली, मुंबई में बढ़ाई गईं पेट्रोल डीज़ल की कीमतें, जानें आज के दाम
    विश्लेषकों के अनुसार, दुनियाभर में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज़ी ही पेट्रोलियम पदार्थों के घरेलू दामों में मौजूदा बढ़ोतरी की वजह है.
  • डाउनलोड स्पीड के मामले में जियो अव्वल, लेकिन अपलोड स्पीड में इस कंपनी ने मारी बाजी
    रिलायंस जियो ने 4 जी डाउनलोड स्पीड के मामले में अपनी नंबर एक की स्थिति को बरकरार रखा है. अगस्त महीने में उसकी औसत डाउनलोड स्पीड 21.3 मेगाबिट प्रति सेकंड (एमबीपीएस) रही. दूरसंचार नियामक ट्राई की ओर से प्रकाशित रपट में यह जानकारी दी गई है. हालांकि 5.5 एमबीपीएस के साथ अपलोड स्पीड के मामले में वोडाफोन शीर्ष पर रही. डाउनलोड स्पीड ग्राहकों को ऑनलाइन वीडियो , फोटो और संदेश तक पहुंचने और उसे देखने में काम आती है जबकि अपलोड स्पीड ग्राहकों को फोटो , वीडियो और अन्य दस्तावेजों को दूसरों को भेजने में मदद करती है.
  • ड्रोन हमले के बाद सऊदी अरब के तेल संकट से भारत में भी पेट्रोल-डीजल हो सकते हैं महंगे
    सऊदी तेल प्लांट पर हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय तेल बाज़ार में उथल-पुथल बढ़ती जा रही है. मंगलवार को कच्चा तेल 13 फीसदी से ज़्यादा महंगा हो गया. ये संकट भारत के लिए एक नई चुनौती है. मंगलवार को शेयर बाज़ार 600 अंकों से ज़्यादा गिरा. सऊदी अरब के सबसे बड़े तेल कारख़ाने पर हुआ ये हमला भारत की आर्थिक सेहत पर भी असर डालता दिख रहा है. फ़िक्र तेल आपूर्ति की नहीं, तेल की क़ीमतों की है. भारत को आश्वासन मिल चुका है कि तेल की सप्लाई नहीं रुकेगी, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चा तेल मंगलवार को 7.84 डॉलर प्रति बैरल महंगा हो गया. हालांकि सरकार का दावा है कि भारत 70 से 75 डॉलर बैरल के दाम से निबटने की क्षमता रखता है. लेकिन अगर संकट लंबा खिंचा तो एक डॉलर प्रति बैरल बढ़ने का मतलब भारत पर सालाना, 10,700 करोड़ डॉलर का बोझ बढ़ना है.
  • दिल्ली : सिंगल यूज प्लास्टिक पर पाबंदी के कारण इससे जुड़े कारोबारी परेशानी में
    दो अक्टूबर से सिंगल यूज़ प्लास्टिक के कई सामानों पर पाबंदी के ऐलान को लेकर सिर्फ उन्हें बनाने वाले ही नहीं बल्कि प्लास्टिक के कारोबार से जुड़े तमाम कारोबारी परेशान हैं. कई लोगों का बरसों से चल रहा कारोबार बैठने के आसार हैं. NDTV ने बदले हालात में सिंगल यूज प्लास्टिक की सामग्री के कारोबार से जुड़े लोगों से बात की. पाबंदी के कारण इस कारोबार से जुड़े लोग संकट में हैं और भविष्य को लेकर चिंतित हैं.
  • दुनिया में आर्थिक मंदी का भारत के चमड़ा उद्योग पर बुरा असर
    अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में मंदी का असर भारत के चमड़ा उद्योग पर बुरी तरह पड़ा है. ख़ासकर निर्यात 60 फ़ीसदी तक घट गया है. सुनील हरजाई की कंपनी सिद्धार्थ फुटवेयर एक्सपोर्ट्स 11 अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स के लिए जूते बनाती है. दुनिया भर से ऑर्डर आते हैं. लेकिन पिछले कुछ महीनों से इसमें कमी आ गई है. हालत ये है कि पिछले 2-3 महीनों से उनकी 15 मशीनें बंद पड़ी हैं.
  • सोने की कीमतों में उछाल, निवेशकों की बल्ले-बल्ले; जानिए- रेट में कितना हुआ बदलाव
    जौहरियों की नगरी कहे जाने वाले जयपुर में सोने-चांदी की कीमतों में एक साल से जारी उछाल से जहां निवेशक बागोबाग हैं वहीं आम खरीददार परेशान हैं. बीते एक साल में सोना 24 प्रतिशत तो चांदी 21 प्रतिशत महंगा हो चुका और इस असामान्य तेजी की सबसे बड़ी वजह अमेरिका व चीन के बीच जारी ट्रेड वार व वैश्विक मंदी की आहट माना जा रहा है.
  • नरेंद्र मोदी सरकार के 100 दिन : डूब गए निवेशकों के 12.5 लाख करोड़ रुपये
    भारतीय बाज़ारों में विदेशी निवेशक बिकवाल हो गए हैं. बिकवाली का दबाव उस समय बढ़ा, जब वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने जुलाई में पेश किए गए NDA सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले बजट में विदेशी निवेशकों पर भी सुपर-रिच टैक्स लागू कर दिया, हालांकि इस टैक्स को लगभग एक महीने बाद वापस ले लिया गया था.
  • 'मंदी' से गुजर रहा है आभूषण कारोबार, जा सकती हैं हजारों नौकरियां : जीजेसी
    अखिल भारतीय रत्न एवं आभूषण घरेलू परिषद ने इसके साथ ही आयातित सोने पर सीमा शुल्क की दरें कम करने और आभूषणों पर जीएसटी की दर घटाने की मांग की है. आम बजट 2019-20 में आयातित सोने पर सीमा शुल्क 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत किया गया था. वहीं आभूषण पर माल एवं सेवा कर (जीएसटी) की दर तीन प्रतिशत तय की गई है. पूर्ववर्ती मूल्य वर्धित कर (वैट) प्रणाली में यह एक प्रतिशत थी.
  • लगातार 10वें महीने यात्री वाहनों की बिक्री घटी, 21 साल बाद देखने को मिली इतनी बड़ी गिरावट
    भारतीय आटोमोबाइल विनिर्माता सोसायटी (सियाम) के सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक अगस्त 2019 में घरेलू बाजार में कारों की बिक्री 41.09 प्रतिशत घटकर 1,15,957 कार रह गई जबकि एक साल पहले अगस्त में 1,96,847 कारें बिकी थी.
  • Zomato ने 541 कर्मचारियों को कंपनी से बाहर निकाला, बयान जारी कर बताई ये वजह
    Zomato ने इस कदम के पीछे तकनीकी बदलावों को वजह बताया है. कंपनी के बयान के अनुसार वह ग्राहकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का इस्तेमाल कर रही है जोकि ग्राहकों की शिकायतों के निपटारे, पूछताछ समेत तमाम कार्यों में मददगार साबित हो रहा है. 
  • टैक्स में कटौती वित्त मंत्रालय नहीं, जीएसटी काउंसिल करेगी : निर्मला सीतारमण
    उद्योग जगत और ऑटो सेक्टर अर्थव्यवस्था को संकट से उबारने के लिए जिस टैक्स कटौती की मांग कर रहे हैं, वह वित्त मंत्रालय से संभव नहीं है. यह काम जीएसटी काउंसिल करेगी. ये बात आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कोलकाता में कही. निर्मला सीतारमण ने कहा कि जहां तक जीएसटी का सवाल है, इस पर जीएसटी को विचार करना है, जवाब देना है या फ़ैसला करना है. कोलकाता में टैक्स अधिकारियों के साथ बैठक के बाद वित्त मंत्री ने साफ़ कर दिया कि टैक्सों में कटौती पर फ़ैसला जीएसटी काउंसिल को करना है.
  • अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में मंदी का सबसे ज्यादा असर निर्यातकों पर
    अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में मंदी का असर भारत पर पड़ना शुरू हो गया है. सबसे ज्यादा प्रभावित न निर्यातक हैं जो यूरोप-अमेरिका से हाई-एंड प्रोडक्ट की मांग घटने से तनाव में हैं. एनडीटीवी की टीम जब कार्पेट एक्सपोर्टर ओपी गर्ग के एक्सपोर्ट यूनिट में पहुंची तो वहां ग्रीस से भारत आईं मीरा राकी मिलीं जो भारत कार्पेट खरीदने आई हैं.
  • त्यौहारों के मौसम में प्याज और दाल की कीमतों को नियंत्रित करने की कोशिश में जुटी सरकार
    त्यौहारों के मौसम से ठीक पहले केंद्र सरकार ने सभी राज्य सरकारों से कहा है कि वे प्याज और दाल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए पहल शुरू करें. दिल्ली के विज्ञान भवन में राज्यों के खाद्य मंत्रियों के साथ एक बैठक के दौरान खाद्य मंत्री रामविलास पासवान ने यह बात कही.
  • संकट से जूझ रहे ऑटोमोबाइल सेक्टर ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से की यह मांग
    उद्योग संघ एसोचैम ने इस मांग का समर्थन करते हुए कहा है की टू-व्हीलर्स पर जीएसटी घटाकर 5% कर देना चाहिए.  उन्होंने कहा कि इस साल अगस्त में पिछले साल के मुकाबले पैसेंजर गाड़ियों की बिक्री करीब 30% घट गयी है. पिछले महीने वित्त मंत्री ने जो राहत का ऐलान किया उसका असर ज़मीन पर नहीं दिख रहा है लिहाजा सरकार को जीएसटी रेट 28% से घटाकर 18% करना चाहिए जिससे गाड़ियों पर कुल खर्च घटे और मांग बढे.
  • GDP दर पहली तिमाही में 5.8 फीसदी से घटकर 5 फीसदी पर पहुंची, 6 वर्षों में सबसे निचला स्‍तर
    देश की आर्थिक वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में धीमी पड़कर 5 प्रतिशत रही. एक साल पहले इसी तिमाही में वृद्धि दर आठ प्रतिशत थी. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जीडीपी दर पहली तिमाही में 5.8 फीसदी से घटकर 5 फीसदी पर पहुंच गई. जो 6 साल में इसका सबसे निचला स्‍तर है. 
  • डिजिटल मीडिया में 26 प्रतिशत FDI लिमिट से इसकी आजादी सीमित हुई : निखिल पाहवा
    सरकार कह रही है कि यह मीडिया का सुझाव था कि डिजिटल मीडिया में 26 फीसदी विदेशी निवेश की मंज़ूरी हो. एनडीटीवी से बात करते हुए वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, "डिजिटल मीडिया में 26 प्रतिशत FDI मंजूर किया है क्योंकि प्रिंट मीडिया में भी 26 फीसदी FDI स्वीकार्य है. डिजिटल मीडिया भी प्रिंट मीडिया की तरह काम करता है."
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