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मप्र में मनरेगा के 53 लाख झूठे जॉबकार्ड : सिब्बल

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  1. संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री कपिल सिब्बल ने भोपाल में रविवार को कहा कि भ्रष्टाचार, महिला अपराध और कुपोषण के मामले में मध्य प्रदेश देश के तीन पहले राज्यों में शुमार है। यहां तो महात्मा गांधी रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत 53 लाख झूठे जॉबकार्ड
भोपाल:

संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री कपिल सिब्बल ने भोपाल में रविवार को कहा कि भ्रष्टाचार, महिला अपराध और कुपोषण के मामले में मध्य प्रदेश देश के तीन पहले राज्यों में शुमार है। यहां तो महात्मा गांधी रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत 53 लाख झूठे जॉबकार्ड बनाए गए हैं।

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के प्रवास पर आए सिब्बल ने संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का सिर्फ एक नारा है और वह है हर मामले में इस्तीफे की मांग करना। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश महिलाओं के विरुद्ध अपराध के मामले में अव्वल है, मगर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज को यह दिखाई ही नहीं देता है।

केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि स्वराज मध्य प्रदेश से सांसद हैं, मगर उन्हें यहां के महिलाओं के विरुद्ध अपराध नजर नहीं आते। वे महिलाओं के विरुद्ध अपराध की आवाज तो संसद में उठाती हैं, किंतु अपने राज्य में हो रहे दुष्कर्म की चर्चा तक नहीं करतीं। वे उन राज्यों के मामले में आंखें मूंद लेती हैं, जहां भाजपा या सहयोगी दलों की सरकारें हैं।


सिब्बल ने मध्य प्रदेश में बढ़ते भ्रष्टाचार पर चुटकी ली और कहा कि यहां एलओसी का आशय लेबोटरी ऑफ  करप्शन है। मनरेगा के तहत बने झूठे जॉबकार्ड का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि 53 लाख झूठे जॉबकार्ड बने हैं, मगर किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है। इससे नुकसान किसका और फायदा किसे हुआ है, इसे आसानी से समझा जा सकता है।

सिब्बल ने आगे कहा कि राज्य में बीते 10 वर्षो में 10 प्रतिशत कुपोषण बढ़ा है। महिलाओं और बच्चों में खून की कमी की शिकायत लगातार बढ़ रही है। भाजपा के शासनकाल को देश के साथ मध्य प्रदेश के लोगों ने भी देख लिया। जनता जान गई है कि भाजपा सिर्फ सत्तालोभी है।

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भाजपा के विरोध के तरीके पर सवाल उठाते हुए सिब्बल ने कहा कि पं. जवाहर लाल नेहरू ने जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर पाबंदी लगाई थी तब भी इस दल से जुड़े लोगों ने नेहरू के इस्तीफे की मांग की थी, आज भी वही रवैया है। मामला कोई भी हो, तुरंत प्रधानमंत्री से इस्तीफा मांगा जाने लगता है।

एक सवाल के जवाब में सिब्बल ने कहा कि लोकतंत्र में विरोधी दल को विरोध करने का अधिकार है, मगर जनता के हितों पर कुठाराघात करना ठीक नहीं है। विपक्ष के रवैये के चलते सदन नहीं चल पा रहा है, विधेयक पारित नहीं हो पा रहे हैं, इससे देश का नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के रवैये से लगता है कि उसका लोकतंत्र में ही विश्वास नहीं रहा।



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