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अगर आप क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी के शिकार हो जाएं तो अपनाएं ये उपाय

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अगर आप क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी के शिकार हो जाएं तो अपनाएं ये उपाय

खास बातें

  1. ऑनलाइन धोखाधड़ी की समस्या का समाधान आसान नहीं
  2. आमतौर पर बैंक ग्राहकों को ही ठहराते हैं दोषी
  3. जितनी जल्दी हो सके ऑनलाइन शिकायत करें
नई दिल्ली:

क्रेडिट कार्ड हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन गया है. वित्तीय लेनदेन से लेकर, रिटेल आउटलेट में खरीदारी करने, ऑनलाइन शॉपिंग करने के लिए हम सभी प्लास्टिक मनी यानी क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं. टेलीफोन या बिजली का बिल जमा करने, एयर टिकट और होटल बुक करने के लिए भी क्रेडिट कार्ड का यूज बड़े पैमाने पर होता है. लेकिन जितनी तेजी से क्रेडिट कार्ड का चलन बढ़ा है, उतनी ही तेजी से धोखाधड़ी के मामले भी सामने आ रहे हैं.

ऐसी ऑनलाइन धोखाधड़ी की समस्या का समाधान आसानी से नहीं होता. आमतौर पर बैंक ग्राहकों को ही दोषी ठहरा देते हैं. क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी के मामलों में पूरी लड़ाई उपभोक्ता अकेले लड़नी पड़ती है. कमोबेश सभी बैंकों का क्रेडिट कार्ड का मुख्यालय चेन्नई है. ऐसे में मामला और भी पेचीदा हो जाता हैं. अगर धोखाधड़ी के शिकार हो जाएं तो ये उपाय अपनाएं जो आपके लिए मददगार हो सकते हैं :

  1. सबसे पहले जितनी जल्दी हो सके अपना कार्ड ब्लॉक करवाएं और अपने संबंधित बैंक को सूचना दें.
  2. कार्डहोल्डर डिस्प्यूट फॉर्म को भरकर संबंधित बैंक को ईमेल पर भेजें. इनकी हॉर्ड कॉपी बैंक के मुख्यालय को अवश्य भेजें और यदि बैंक इजाजत दे तो जिस बैंक में आपका अकाउंट है उसमें जमा करें. यदि अकाउंट नहीं है तब बैंक के कस्टमर केयर से बात कर किसी भी बैंक की शाखा में जमा कर सकते हैं.
  3. जितनी जल्दी हो सके ऑनलाइन पुलिस कंप्लेन दर्ज कर दें और उसका रेफरेंस नंबर या स्क्रीनशॉट लेना न भूलें. बाद में आप चाहें तो पुलिस कंप्लेन के स्क्रीनशॉट भी बैंक को शेयर कर सकते हैं.
  4. अपने नजदीक के साइबर पुलिस थाने में प्रतिवेदन दें. प्रतिवेदन की कॉपी बैंक को भी भेजना न भूलें.
  5. बैंक कंज्यूमर ग्रीवांस सेल से लगातार कम्यूनिकेशन बनाए रखें और अपने मामले की जानकारी लेते रहें.
  6. धोखाधड़ी से जुड़े मामलों का निपटान 90 दिनों के भीतर करना होता है. अगर फैसला आपके पक्ष में आए तो बैंक से एनओसी लेना न भूलें.
  7. आरबीआई बैंक कंज्यूमर ओम्बुड्समैन के पास जाएं.

अगर आप क्रेडिट कार्ड होल्डर हैं तो बेहतर होगा कि आप धोखाधड़ी से बचने के लिए ये टिप्स अपनाएं :

हमेशा बैंक से ही लें कार्ड
डेबिट कार्ड में धोखाधड़ी से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि नया कार्ड हमेशा बैंक से ही लें. किसी दूसरी जगह निजी जानकारी न दें. अगर आपने नया कार्ड लिया है तो तय करें कि कार्ड की डिलीवरी आपको ही हो.


अगर कार्ड चोरी हो जाए तो...
क्रेडिट कार्ड में धोखाधड़ी तब शुरू होती है जब कार्ड चोरी हो जाता है या कार्ड से जुड़ी कोई गंभीर जानकारी चुरा ली जाती है. इस जानकारी में कार्डहोल्डर का नाम, उसका अकाउंट नंबर, कार्ड की वैधता समाप्त होने की तारीख या कार्ड वैरिफिकेशन वैल्यू (सीवीवी) कोड में से कुछ भी हो सकता है. जैसे ही आपको पता चले कि आपका कार्ड चोरी हो गया है, कोई भी और कदम उठाने से पहले कार्ड को ब्लॉक कराना चाहिए.

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फिशिंग-विशिंग बचें
फिशिंग का मतलब SMS या ईमेल से लोगों को लुभाकर उनसे निजी जानकारी हासिल करना होता है. विशिंग का अर्थ फर्जी फोन कॉल में फंसाकर ऑनलाइन जानकारी निकालना शामिल है. हमेशा भरोसेमंद वेबसाइट पर ही लेनदेन करें. किसी को पिन न बताएं. इंटरनेट पर महत्वपूर्ण जानकारियां सेव न करें और कभी भी ऑटो फिल न करें यानी अपने पासवर्ड या बाकी डिटेल सेव करने के ऑप्शन पर क्लिक न करें.

मल्टी-लेवल अथेंटिकेशन का करें इस्तेमाल
ऑनलाइन लेनदेन करते समय मल्टी लेवल अथेंटीकेशन भी जरूरी है. अतिरिक्त सावधानी के लिए आप OTP यानी वन टाइम पासवर्ड को ईमेल और एसएमएस दोनों पर मंगा सकते हैं. इसे या अपने सिक्योरिटी क्वेशचन को किसी के साथ कभी शेयर न करें.  
 



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