Khabar logo, NDTV Khabar, NDTV India

GST के आने से दाल, खाद्यान्न और दैनिक उपभोक्ता सामान सस्ते होंगे, काउंसिल ने टैक्‍स रेट तय किए

वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने कहा, कुल 1,211 वस्तुओं में से छह को छोड़कर अन्य के लिए जीएसटी दरें तय की गईं हैं.

ईमेल करें
टिप्पणियां
GST के आने से दाल, खाद्यान्न और दैनिक उपभोक्ता सामान सस्ते होंगे, काउंसिल ने टैक्‍स रेट तय किए

खास बातें

  1. 1,211 वस्तुओं में से छह को छोड़कर अन्य के लिए जीएसटी दरें तय की गईं हैं.
  2. दूध पर जीएसटी नहीं लगेगा. खाद्यान्न सस्ते होंगे- केंद्रीय राजस्व सचिव
  3. बालों के तेल, साबुन, टूथपेस्ट पर 18 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगेगा.
नई दिल्‍ली: सरकार ने गुरुवार को कहा कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के लागू होने से दाल, खाद्यान्न और रोजाना इस्‍तेमाल में आने वाली उपभोक्‍ता वस्‍तुएं सस्‍ती होंगी.

वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने कहा, कुल 1,211 वस्तुओं में से छह को छोड़कर अन्य के लिए जीएसटी दरें तय की गईं हैं.

केंद्रीय राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने कहा कि दूध पर जीएसटी नहीं लगेगा. खाद्यान्न सस्ते होंगे.

बालों के तेल, साबुन, टूथपेस्ट पर 18 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगेगा. अनाज पर कर नहीं लगेगा, जबकि इस पर अभी 5 प्रतिशत दर से कर लगता है. राजस्‍व सचिव ने बताया कि कोयले पर जीएसटी दर 5 प्रतिशत तय हुई है. अभी इस पर 11.69 प्रतिशत कर लगता है. चीनी, चाय, कॉफी, खाद्य तेल पर भी 5 प्रतिशत की दर से कर लगेगा.

वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने कहा, जीएसटी परिषद ने जीएसटी के सात नियमों को मंजूरी दी है. बदलाव और विवरण से संबंधित शेष दो नियमों की विधि समिति समीक्षा कर रही है. जीएसटी परिषद कल सेवाओं की दरों  पर विचार करेगी. अगर तब तक सभी वस्तुओं के लिए कर दरें तय नहीं होती हैं तो परिषद की एक और बैठक हो सकती है.

साथ ही उन्‍होंने साफ किया कि जीएसटी दायरे से बाहर रहने वाली वस्तुओं की सूची को कल (गुरुवार को) अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है. सोने और बीड़ी पर भी कर की दरों पर विचार होगा.

दरअसल, वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद ने गुरुवार को आज शुरू अपनी दो दिन की बैठक के पहले दिन 80 से 90 प्रतिशत वस्तुओं और सेवाओं पर कर की दरों का निर्धारण कर लिया है. प्रस्तावित जीएसटी व्यवस्था में चार स्तर की दरें रखी गई हैं, जिनमें रोजमर्रा के इस्तेमाल की आवश्यक वस्तुओं पर पांच प्रतिशत की न्यूनतम रखी गई है.

केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता वाली परिषद ने बैठक के पहले सत्र में वस्तु एवं सेवा कर व्यवस्था के तहत नियमों को भी मंजूरी दी. जीएसटी एक जुलाई से लागू किए जाने की योजना है. परिषद में सभी राज्‍यों के वित्त मंत्री या उनके प्रतिनिधि शामिल हैं. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि 80 से 90 प्रतिशत वस्तुओं, सेवाओं के बारे में यह तह हो गया है कि उन्हें 5, 12, 18 और 28 प्रतिशत के कर ढांचे में कहां रखा जाएगा. फिटमेंट इस तरीके से किया गया है कि लोगों पर नई कर व्यवस्था के कारण कर का बोझ नहीं बढ़े... इसलिए वस्तुओं और सेवाओं को उनके ऊपर इस समय लागू उत्पाद शुल्क, वैट या सेवा कर को ध्यान में रखकर जीएसटी की विभिन्न दरों के साथ जोड़ा जा रहा है. समझा जाता है कि कल बैठक संपन्न होने के बाद तय कर दरांे का पूरा ब्योरा उपलब्ध हो पाएगा.

विभिन्न राज्‍यों के वित्त मंत्रियों ने रेशमी धागे, पूजा की सामग्री और हस्तशिल्प उत्पादों को जीएसटी दरों में छूट की मांग की है. हालांकि, जेटली का मानना है कि जीएसटी के तहत न्यूनतम छूट दी जानी चाहिए और यह आवश्यक होने पर ही दी जानी चाहिए.

(इनपुट एजेंसी से भी)


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Advertisement

 
 

Advertisement