'सरकारी योजनाओं के ऑडिट के लिए निविदा प्रक्रिया गलत'

खास बातें

  • अकाउंटिंग नियामक आईसीएआई ने सार्वजनिक योजनाओं के ऑडिट को अकाउंटेंट के चयन के लिए निविदा प्रक्रिया का विरोध किया है।
नई दिल्ली:

अकाउंटिंग नियामक आईसीएआई ने सार्वजनिक योजनाओं के ऑडिट को अकाउंटेंट के चयन के लिए निविदा प्रक्रिया का विरोध किया है। नियामक ने इस मामले को योजना आयोग और कैग के समक्ष उठाया है। आईसीएआई चाहता है कि नियुक्ति जिला आधार पर शुल्कों के निर्धारण के जरिये की जाए, न कि निविदा प्रक्रिया से। क्योंकि ऐसा करने से ऑडिट कार्यों से समझौता करना पड़ सकता है। सरकारी योजनाओं और परियोजनाओं की जांच के लिए ऑडिटरों की नियुक्ति निविदा प्रक्रिया से किये जाने का प्रस्ताव किया गया है। इसके तहत जो आवेदनकर्ता कम शुल्क पर आवेदन देगा, उसे परियोजना के ऑडिट का काम मिलेगा। बहरहाल, आईसीएआई के मुताबिक नियुक्ति जिला आधार पर शुल्कों के निर्धारण के जरिये की जानी चाहिए न कि निविदा के जरिए, क्योंकि इससे ऑडिट के साथ समझौता का खतरा है। इंस्ट्टियूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया :आईसीएआई: ने कहा, हमने इस मामले को नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक :कैग: और योजना आयोग के समक्ष उठाया है। हमने कहा है कि निविदा के तहत ऑडिटरों के चयन से आडिट की जो धारणा है, वह कमजोर हो सकती है। उन्होंने कहा, यह अच्छा नहीं है। हमें उनसे ऑडिट के लिये योजना के मुताबिक शुल्क का निर्धारण करने का अनुरोध किया है। ताकि वहां जो भी बोली आये, वे तकनीकी हों न कि वित्तीय।

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com