प्रभास की फिल्म 'बाहुबली' की ब्लॉकबस्टर सफलता से निवेश के पांच सबक सीखें

28 अप्रैल को रिलीज हुई 'बाहुबली 2' दुनियाभर में अब तक 1400 करोड़ की कमाई कर चुकी है. ट्रेड एनालिस्ट श्रीधर पिल्लै के ट्वीट के मुताबिक फिल्म ने तमिलनाडु में 100 करोड़ का आंकड़ा पार किया है.

प्रभास की फिल्म 'बाहुबली' की ब्लॉकबस्टर सफलता से निवेश के पांच सबक सीखें

फिल्म 'बाहुबली' की ब्लॉकबस्टर सफलता से निवेश के पांच सबक सीखें

नई दिल्ली:

28 अप्रैल को रिलीज हुई 'बाहुबली 2' दुनियाभर में अब तक 1400 करोड़ की कमाई कर चुकी है. ट्रेड एनालिस्ट श्रीधर पिल्लै के ट्वीट के मुताबिक फिल्म ने तमिलनाडु में 100 करोड़ का आंकड़ा पार किया है. तमिल, तेलगू, मलयालम और हिन्दी में रिलीज हुई बाहुबली भारत में साढ़े छह हजार से ज्यादा स्क्रीन्स पर रिलीज हुई और दुनियाभर में नौ हजार से ज्यादा स्क्रीनों पर दिखाई जा रही है. एंजेल ब्रोकिंग ने एक फेसबुक पोस्ट के जरिए बताया कि कैसे इस फिल्म के हीरो बाहुबली से निवेश के गुर सीखे जा सकते हैं जिसने शॉर्ट टर्म गेन की जगह लॉन्ग टर्म गेन की महत्ता दी. 

आइए जानें एक नजर में...

बाहुबली ने राज्य पर शासन का प्रयास कभी नहीं छोड़ा भले ही शुरू में विपरीत परिस्थतियों में उसे इससे हाथ धोना पड़ा हो. निवेश के स्तर पर भी इतंजार अपनी कीमत अदा करता ही है.

ज्यादा पाने के लिए ज्यादा खर्चना भी पड़ता है. बाहुबली ने जो कुछ जीवन में पाया उसके लिए बड़ी कीमत चुकाई. उसे सिंहासन छोड़ना पड़ा. शान शौकत का जीवन त्यागकर उसे आम आदमी की तरह जीवन काटना पड़ा. यही बात निवेश के सिद्धांत पर लागू होती है. कई बार लोग असल लागत और जोखिम की जानकारी और अंडरस्टैंडिंग के बिना ट्रेडिंग और इन्वेस्टमेंट करने लगते हैं. कभी कभी निवेशक गलत वक्त पर बाजार से निकलने का फैसला ले लेते हैं.

लालच कई बार डुबो देता है. बाहुबली के भाई के साथ यही हुआ. जबकि, बाहुबली ने सही समय पर 'लालच' किया. निवेश के मामले में भी यही है सही. आपको यह समझ होनी चाहिए कि कब लालची होना है और कब इस लालच को छोड़ देना है, थोड़ा संकोच करना है. निवेश के सर्कल में, जब बॉटम हो तब लालच और जब यह टॉप पर हो तब डर... या संकोच, यह बेहतर रहता है. इसका उलटा करना भारी पड़ सकता है. 

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आपको सुपरस्टार होने की जरूरत नहीं है. जी हां, बाहुबली यानी प्रभास ने बताया कि किसी ब्लॉकबस्टर फिल्म को बनाने के लिए बड़े बड़े सितारों की जरूरत नहीं होती. आपके पोर्टफॉलियो के मामले में भी यह सटीक बैठता है. आपको व्यक्ति की काबीलियत पर दांव लगाना होता है, सिर्फ सुपरस्टार परफॉर्मर पर नहीं. 

भावनाओं को अपने फैसलों पर हावी न होने दें. ध्यान दें कि बाहुबली ने कभी भी अपनी भावनाओं को अपने फैसलों के बीच नहीं आने दिया. चाहे मामला मां का हो या फिर पत्नी का हो, वह फैसला लेते समय समझदारी से काम लेते. एंजल ब्रोकिंग के मुताबिक, भावनाएं निवेश की राह का सबसे बड़ा रोढ़ा है. भीड़ को अंधाधुंध फॉलो न करें. आपके निवेश के फैसले लॉजिक और विश्लेषण पर आधारित होने चाहिए.