रेस्तरां की सर्विस से खुश नहीं हैं? अब बिल देते समय सर्विस चार्ज देने से मना कर सकते हैं : सरकार

रेस्तरां की सर्विस से खुश नहीं हैं? अब बिल देते समय सर्विस चार्ज देने से मना कर सकते हैं : सरकार

रेस्तरां की सर्विस से खुश नहीं हैं? अब बिल देते समय सर्विस चार्ज देने से मना कर सकते हैं (प्रतीकात्मक फोटो)

नई दिल्ली:

नए साल की शुरुआत एक के बाद एक तोहफों के साथ हो रही है. सरकार ने कहा है कि यदि आप किसी रेस्तरां या होटल में जाते हैं और वहां सेवाओं से संतुष्ट नहीं होते हैं तो बिल चुकाते समय आप सर्विस चार्ज देने से मना कर सकते हैं.

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होटल संघ ने इस पर कहा है कि ग्राहक चाहें तो वे चार्ज देने से मना कर सकते हैं. उपभोक्ता मंत्रालय की ओर से इस बाबत जारी एक बयान में यह बात कही गई है. यहां बता दें कि  होटलों और रेस्टोरेंट्स में 5 परसेंट से लेकर 20 परसेंट तक सर्विस चार्ज लगता था लेकिन सर्विस चार्ज,  सर्विस टैक्स नहीं है. सरकार द्वारा दी गई छूट सर्विस चार्ज पर लागू होती है न कि सर्विस टैक्स पर. बता दें कि सर्विस चार्ज होटल या रेस्तरां को मिलता है जबकि सर्विस टैक्स सरकार को मिलता है.
 


गुड न्यूज की फेहरिस्त में लोन का सस्ता होना भी है. पीएम मोदी की 31 दिसंबर को दी गई स्पीच के बाद बैंकों द्वारा लेंडिग रेट्स यानी कर्ज पर ब्याज दरें घटाने का फैसला वाहन और घर खरीदने वालों के लिए नए साल के तोहफे जैसा है. सबसे पहले देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक ने बेंचमार्क लेंडिंग रेट एमसीएलआर में 0.90% की कटौती की घोषणा की.  MCLR जो पहले 8.9% था वह अब एक साल के लिए 8% हो गया है. नई दरें 1 जनवरी 2017 से प्रभावी हैं. (इस बारे में पूरी खबर यहां क्लिक करक पढ़ें).

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वहीं, सरकार ने लोक भविष्य निधि (PPF) और डाकखानों (Post Office) के जरिए परिचालित किसान विकास पत्र जैसी अन्य लघु बचत योजनाओं (Small saving scheme) पर ब्याज दर जनवरी-मार्च तिमाही में अपरिवर्तित रखने काआज यानी सोमवार को फैसला लिया है. सरकार ने यह फैसला ऐसे समय पर लिया है जब कमर्शल बैंक ब्याज दरें घटा रहे हैं. (इस बारे में पूरी खबर यहां क्लिक करके पढ़ें)