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इन 8 बड़े कामों के सहारे 2019 का आम चुनाव साधने की कोशिश में मोदी सरकार

मोदी सरकार के अब जब चार साल पूरे होने जा रहे हैं, तब केंद्र सरकार और उनके मंत्रियों की ओर  से सरकार की उपलब्धियों को गिनाने का सिलसिला शुरू हो चुका है.

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इन 8 बड़े कामों के सहारे 2019 का आम चुनाव साधने की कोशिश में मोदी सरकार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. 26 मई को मोदी सरकार के चार साल पूरे हो रहे हैं
  2. मोदी सरकार के मंत्री सरकार के काम गिना रहे हैं
  3. हर मंत्रालय भी काम बता रहे हैं.
नई दिल्ली:
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26 मई 2014 को नरेंद्र मोदी ने प्रधानंमत्री पद की शपथ ली और देश की बागडोर बीजेपी के नेतृत्व में बनी एनडीए की सरकार के हाथ में चली गई. इस दौरान नरेंद्र मोदी सरकार ने कई ऐसे काम को करने की शुरुआत करने का दावा किया जो शायद पहले नहीं हुआ. बीजेपी की सरकार ने देश में कई ऐसी योजनाओं को चालू करने का दावा किया जिससे जमीनी स्तर पर बदलाव आएगा. सरकार अपनी तमाम योजना के सहारे न्यू इंडिया बनाने की ओर देश को ले जाने का दावा कर रही है. 
 
मोदी सरकार के अब जब चार साल पूरे होने जा रहे हैं, तब केंद्र सरकार और उनके मंत्रियों की ओर  से सरकार की उपलब्धियों को गिनाने का सिलसिला शुरू हो चुका है. केंद्रीय मंत्री अपने-अपने सोशल अकाउंट से प्रचार में जुट गए हैं. वहीं मंत्रालयों की ओर से उनके ट्वीट को रीट्वीट किया जा रहा है. 

पढ़ें - मोदी सरकार के चार साल : अर्थव्यवस्था के लिए ये कदम रहा सबसे बड़ा और क्यों
 
  1. केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने एक ट्वीट में दावा किया है कि इसी सरकार की कई योजनाओं से देश के करोड़ों लोगों को सीधा फायदा मिला है और यह फायदा आने वाले सालों में भी जारी रहेगा. राठौड़ ने ट्वीट में इंफोग्राफिक शेयर किया है. इस ग्राफिक्स में उज्ज्वला योजना का जिक्र है. इस योजना की शुरुआत खुद पीएम नरेंद्र मोदी ने की थी. उन्होंने देश के करोड़ों संपन्न लोगों से आग्रह किया था कि वे एलपीजी सिलेंडर पर मिलने वाली सब्सिडी को त्याग दें ताकि गरीब लोगों को एलपीजी का कनेक्शन सरकार दे सके. करोड़ो लोगों ने पीएम की आवाज सुनी और सब्सिडी त्याग दी. सरकार का दावा है कि इस योजना के तहत 3,94,60,489 गरीब महिलाओं और सीधे तौर पर उनके परिवार को लाभ पहुंचाया गया है. यह लाभ 18 मई 2018 तक के आंकड़ों के हिसाब से पहुंचाया गया है. 
  2. सरकार की ओर से दूसरी सबसे कामयाब योजना के रूप में जनधन योजना को बताया गया है. इस योजना के तहत सरकार का यह दावा रहा है कि आजादी के इतने सालों बाद भी देश में करोड़ों की आबादी बैंकिंग व्यवस्था से अछूती रही है. लोगों के पास बैंक में खाते तक नहीं थे.  सरकार ने जीरो बैलेंस खाते खुलवाने की व्यवस्था की. इस योजना के तहत 81,203 करोड़ रुपये गरीबों ने बैंक में जमा कराए. सरकार ने बताया है कि यह आंकड़ा 18 मई 2018 तक का है. 
  3. बीजेपी की सरकार के सत्ता में आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई मंच से दावा किया कि आजादी के इतने साल बीत जाने के बाद भी देश के हजारों गांवों में बिजली नहीं पहुंचाई गई है. केंद्र सरकार ने देश के सभी गांवों में बिजली पहुंचाने के काम का बीड़ा उठाया. सरकार ने अब दावा किया है कि 18 मई 2018 तक देश में 18374 गांवों में बिजली पहुंचाई गई है. चार सालों में सरकार ने यह उपलब्धि हासिल की है. 
  4. सरकार ने किसानों की समस्या का समाधान करने के लिए सॉयल हेल्थ कार्ड बनाने की घोषणा की. इसके तहत सरकार की ओर से 13,33,13,396 करोड़ सॉयल हेल्थ कार्ड बनाए गए. यह आंकड़ा भी 18 मई 2018 तक का है. सरकार का दावा है कि इससे किसानों को सीधा लाभ पहुंचेगा और वह इस कार्ड के हिसाब से खेत में प्रयोग होने वाली यूरिया और खाद को समझ पाएंगे और लाभ उठा पाएंगे. इससे सरकार का दावा है कि किसानों को अपनी आय बढ़ाने में मदद मिलेगी. (पढ़ें - 2019 का लोकसभा चुनाव, मोदी सरकार के चार साल और दलितों से जुड़ीं ये 5 घटनाएं)
  5. प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (Pradhan Mantri Jeevan Jyoti Bima Yojana) जिसकी घोषणा पीएम नरेंद्र मोदी ने 9 मई 2015 को की थी. इसी दिन पीएम ने दो और योजनाएं शुरू की थीं- प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और अटल पेंशन योजना. प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना 2 लाख रुपए तक का जीवन बीमा प्रदान करती है. जिस व्यक्ति के नाम पर बीमा किया गया है यदि उसकी मृत्यु हो जाती है तो 2 लाख रुपए उसके परिवार को मिलेंगे. पीएमजेजेबीवाय की पॉलिसी के तहत अवधि एक वर्ष में नवीनीकरण योग्य होती है और इसमें अश्योर्ड अमाउंट 200,000 (दो लाख रुपए) है. इसके लिए प्रीमियम राशि है 330 रुपए जिसमें सर्विस टैक्स मौजूदा वर्ष में जो तय है, भी अलग से जोड़ा जाएगा और 41 रुपए बैंकों की एडमिनिस्ट्रेटिव फीस होगी. सरकार का दावा है कि 18 मई 2018 तक करीब 19 करोड़ लोगों ने इस योजना के तहत अपना खाता खुलवाया है. 
  6. बिजली की बढ़ती मांग और हर साल गर्मी में उससे आने वाली समस्या पर रोक के लिए सरकार ने सीधे ऐलान किया कि साधारण बल्ब और सीएफएल बल्ब के स्थान पर जहां तक संभव हो एलईडी बल्ब का प्रयोग किया जाए. सरकार ने इसके लिए सस्ते में एलईडी बल्ब उपलब्ध कराने के लिए उजाला योजना का प्रारंभ किया. सरकार का दावा है कि 18 मई 2018 तक 29,96,35,477 एलईडी बल्ब लोगों में बांटे गए हैं. (पढ़ें -'48 साल बनाम 48 महीने’ के नारे के साथ मोदी सरकार मनाएगी 4 साल पूरे होने का जश्‍न )
  7. रोजगार की समस्या के फ्रंट पर मोदी सरकार का जोर  लोगों को स्वरोजगार की ओर मोड़ने का दिखाई दिया. सरकार ने युवाओं से अपना कारोबार स्थापित करने का आग्रह किया और इसके लिए सरकार ने मुद्रा योजना का आरंभ किया. इस योजना के तहत सरकार समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों को ऋण उपलब्ध कराती है जिससे वे अपना व्यापार शुरू कर सकें या फिर विस्तार कर सकें. सरकार का दावा है कि 18 मई 2018 को इस योजना के तहत 12,78,08,684 लोन बांटे गए हैं.
  8. तकनीक का लाभ गांवों तक पहुंचाने के लिए सरकार ने ऑप्टिकल फाइबर से नेट-कनेक्टीविटी की व्यवस्था करने की घोषणा के साथ योजना पर कार्य प्रारंभ किया. सरकार का कहना है कि सरकार गांवों तक तकनीक का विस्तार चाहती है ताकि भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगाया जा सके और लोगों तक सूचना का विस्तार हो सके. सरकार का दावा है कि 18 मई 2018 तक 1,15,703 गांवों को इस योजना के तहत जोड़ा गया.



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