'सिटीबैंक धोखाधड़ी में दो अन्य कर्मचारी शामिल'

खास बातें

  • हीरो कारपोरेट सर्विस ने कहा कि सिटीबैंक के कर्मचारियों द्वारा की गई धोखाधड़ी के मामले में दो अन्य कर्मचारियों की पहचान की है।
New Delhi:

हीरो कारपोरेट सर्विस ने बुधवार को कहा कि उसने कंपनी के सहायक उपाध्यक्ष संजय गुप्ता और सिटी बैंक के कर्मचारियों द्वारा की गई 300 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में दो अन्य कर्मचारियों की पहचान की है। हीरो कारपोरेट सर्विस ने एक बयान जारी कर कहा, शुरुआती आंतरिक जांच में पता चला है कि उसके एकाउंट विभाग में कार्यरत दो कर्मचारी गनपत सिंह और गौरव जैन भी संजय गुप्ता और सिटीबैंक के कर्मचारियों के साथ 300 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में शामिल रहे। इसमें कहा गया है कि कंपनी ने उन्हें तुरंत प्रभाव से छुट्टी पर भेज दिया है। बयान के अनुसार, यह निर्णय गुप्ता को निलंबित किए जाने के अलावा लिया गया है।'' जांच पूरी होने के बाद इन पर समुचित कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले गुप्ता को सिटी बैंक धोखाधड़ी मामले में संलिप्तता के कारण पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया था। गुडगांव पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी के तहत गुप्ता को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार गुप्ता ने हीरो समूह की कंपनियों और उनके प्र्वतकों की ओर से 250 करोड़ रुपये का निवेश करवाया था। इसके लिए गुप्ता ने बीजी फाइनांस और जी2एस नाम की दो वित्तीय कंपनियां बनायी थीं। इसके लिए उसे शिवराज पुरी की ओर से 20 करोड़ रुपये बतौर कमीशन प्राप्त हुये थे। पिछले सप्ताह पुलिस ने गुप्ता के साथ पुरी को भी सवाल जवाब के लिए बुलाया था। पुलिय ने बताया कि पूछताछ के दौरान पुरी ने कबूल किया कि गुप्ता को सेबी के फर्जी पत्र के बारे में जानकारी थी। जिसमें निवेशकों को ऊंचा रिटर्न देने की बात कही गयी थी।

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