रक्षा उत्पादन नीति में स्वदेशी पर जोर : एंटनी

खास बातें

  • एंटनी ने नई नीति को जारी करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य रक्षा प्रणालियों के डिजाइन, विकास और उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करना है।
नई दिल्ली:

सरकार ने बुधवार को देश की पहली रक्षा उत्पादन नीति की घोषणा की जिसमें एक दशक में रक्षा उपकरणों का देश में उत्पादन करने पर जोर दे कर इस मामले में कम से कम 50 प्रतिशत स्वदेशीकरण का लक्ष्य रखा गया है। सरकार ने कहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आयात पर ज्यादा आश्रय ठीक नहीं है। रक्षामंत्री एके एंटनी ने राजधानी में यह नई नीति को जारी करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य रक्षा प्रणालियों के डिजाइन, विकास और उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करना है। यह नीति तत्काल लागू की जा रही है। इसमें निजी क्षेत्र के लिए भी बड़ी भूमिका दिए जाने का प्रावधान है। रक्षा मंत्री से जब यह पूछा गया कि इस नीति के जरिए किस अनुपात तक स्वदेशीकरण का लक्ष्य है तो उनका जवाब था,50 प्रतिशत से अधिक। सरकार ने आने वाले दशक में रक्षा उपकरण, हथियार प्रणालियों के डिजाइन, विकास एवं उत्पादन में आत्मनिर्भरता का लक्ष्य रखते हुए अपनी पहली रक्षा उत्पादन नीति पेश की है। एंटनी ने इस अवसर पर कहा, आत्मनिर्भरता बहुत पुराना लक्ष्य है लेकिन हम अभी इससे बहुत दूर हैं. हमें मौजूदा सुरक्षा माहौल को ध्यान में रखते हुए अपनी रक्षा प्रणाली को मजबूत करना होगा।' उन्होंने कहा कि सुरक्षा माहौल 'भारी उठा पठक वाला है जो चिंतित करता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए विदेशी आयात पर निर्भतरा 'अस्वीकार्य' है और नयी नीति के जरिये सरकार देश में मजबूत रक्षा उद्योग आधार तैयार होने की उम्मीद करती है जिनसे हालता बदलेंगे।' मंत्री ने कहा कि यह नीति तुरंत प्रभाव से लागू हो गई है। इस नीति से निजी उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल बनेगा कि वे लक्ष्य को पाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। एंटनी ने कहा कि अब से निजी तथा सार्वजनिक क्षेत्र से रक्षा उपकरणों के स्वदेशी डिजाइन, विकास एवं विनिर्माण को वरीयता दी जाएगी। उन्होंने कहा, 'जब भी रक्षा सेनाओं की जरूरत के हथियार, शस्त्र तथा उपकरण तय सीमा सीमा में भारतीय उद्योग से उपलब्ध होगा, खरीदारी भारतीय स्रोत से ही की जाएगी।' उन्होंने कहा कि अगर भारतीय उद्योग तय समय सीमा में आवश्यक हथियार या प्रणाली उपलब्ध नहीं करवा पाएगा तो नीति के तहत विदेशों से खरीदारी की जाएगी। एंटनी ने कहा कि दीर्घकालिक एकीकृत परिदृश्य योजना :एटीआईपीपी: के आधार पर उन उपकरणों, हथियार प्रणालियों का विकास देश में ही किया जाएगा जिनके लिए दस साल या अधिक समय चाहिए। भारतीय उद्योग मंडलों सीआईआई और पीएचडी चैम्बर ने नीति का स्वागत किया है।

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