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दिल्ली के व्यापारी परेशान, जीएसटी के चक्कर में वैट पर अटके!

जीएसटी को समझने में उलझे रहे लाखों व्यापारी वैट रिटर्न नहीं भर पाए, पैनाल्टी देनी होगी

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दिल्ली के व्यापारी परेशान, जीएसटी के चक्कर में वैट पर अटके!

प्रतीकात्मक फोटो.

खास बातें

  1. व्यापारियों ने की वैट रिटर्न भरने के लिए और समय देने की मांग
  2. व्यापारियों को हर तिमाही भरना होता है वैट रिटर्न
  3. टैक्स कमिश्नर ने दिया व्यापारियों के हित में कदम उठाने का आश्वासन
नई दिल्ली: जीएसटी को अपनाने में जुटे दिल्ली के कारोबारियों की वैट रिटर्न भरने की अंतिम तारीख ने आफत बढ़ा दी है, वैट रिटर्न भरने की आखिरी तारीख 28 जुलाई यानी शुक्रवार है. व्यापारियों का कहना है कि पिछले एक माह में वे जीएसटी की तैयारियों में ही जुटे रहे जिस वजह से वैट रिटर्न भरने का समय नहीं मिला. व्यापारियों की मांग है कि वैट रिटर्न भरने के लिए उन्हें और समय दिया जाए.

एक जुलाई से लागू हुए जीएसटी को समझने में दिल्ली के लाखों व्यापारियों की तरह ही उलझे रहे रोहिणी में परचून की थोक दुकान के मालिक अनिल कुमार अपना वैट रिटर्न नहीं भर पाए हैं. अगर वैट रिटर्न नहीं भरा तो शुक्रवार के बाद से उन्हें पैनाल्टी भरनी पड़ेगी. अनिल कुमार का कहना है कि "हम क्या करें एक तरफ जीएसटी समझें या वैट को समझें.. सीए से पूछो तो उसे भी पूरी जानकारी नहीं. आज आखिरी तारीख है पता नहीं क्या करें."

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दिल्ली में चार लाख से भी ज्यादा व्यापारी हैं जिन्हें अब तक हर तिमाही वैट रिटर्न भरना होता है. तय तारीख तक वैट रिटर्न  न जमा कराने की सूरत मे ब्याज और जुर्माना भी देना पड़ेगा. ऐसे में व्यापारियों की मांग है कि इन्हें वैट रिटर्न जमा कराने के लिए एक महीने का समय दिया जाए.

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"आप" के व्यापारी सेल के संयोजक ब्रिजेश गोयल ने बताया कि " गुरुवार को हमारी मुलाकात दिल्ली के टैक्स कमिश्नर से हुई. उनका कहना है कि आकड़ों को देखकर वे व्यापारियों के हित में कदम उठाएंगे. उनकी पूरी कोशिश है कि वे अंतिम तारीख बढ़ा दें."

VIDEO : जीएसटी का विरोध

उम्मीद से उलट व्यापारियों को अब तक सरकार से कोई राहत नहीं मिली है, लेकिन व्यापारियों को यह पहले से अहसास है कि उनकी सुनवाई अब कम ही होती है.


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