डीजल-एलपीजी की कीमतें न बढ़ाई जाएं : देवड़ा

खास बातें

  • देवड़ा ने कहा, मुझे नहीं लगता कि मंत्री समूह को कीमतें बढ़ाने पर निर्णय करने के लिए फिलहाल बैठक करनी चाहिए।
New Delhi:

पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवड़ा ने बुधवार को कहा कि उनका मंत्रालय डीजल और रसोई गैस की कीमतें बढ़ाने के पक्ष में नहीं है क्योंकि इससे मुद्रास्फीति में और तेजी आएगी। देवड़ा ने बताया, हम यह देखने की कोशिश कर रहे हैं कि हमें कीमतें न बढ़ानी पड़े। ईंधन की कीमतें फिलहाल नहीं बढ़ाने के देवड़ा के संकेत को देखते हुए पिछले सप्ताह वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी की अध्यक्षता वाले मंत्रियों के अधिकार प्राप्त समूह की बैठक अनिश्चितकाल के लिए टाल दी गई। देवड़ा ने कहा, मुझे नहीं लगता कि मंत्री समूह को कीमतें बढ़ाने पर निर्णय करने के लिए फिलहाल बैठक करनी चाहिए। हालांकि सरकार में अन्य लोग डीजल और एलपीजी की कीमतें बढ़ाए जाने के पक्ष में हैं क्योंकि कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। उल्लेखनीय है कि मुद्रास्फीति में डीजल का भारांश 4.67 प्रतिशत है, जबकि एलपीजी का भारांश 0.91 प्रतिशत है। इनकी कीमतों में बढ़ोतरी से मुद्रास्फीति में और बढ़ोतरी हो सकती है। इस समय मुद्रास्फीति 7.48 प्रतिशत पर है। देवड़ा चाहते हैं कि सरकारी पेट्रोलियम मूल्य नियंत्रण के कारण पेट्रोलियम कंपनियों को कमाई में होने वाले घाटे का आधा हिस्सा खुद वहन करे। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कीमतों की वृद्धि के मद्देनजर आयात मूल्य के हिसाब से पेट्रोलियम उत्पादों का खुदरा कारोबार करने वाली कंपनियों को चालू वित्त वर्ष में 72,812 करोड़ रुपये की कमाई का नुकसान हो सकता है।

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com