NDTV Khabar

अब आसान नहीं होगा डुप्लिकेट लाइसेंस बनवाना, ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर तेजी से हो रही है यह तैयारी

'यदि एक राज्य का ड्राइवर शराब पीकर दूसरे राज्य में दुर्घटना कर भागता है तो वह किसी अलग राज्य से डुप्लिकेट लाइसेंस प्राप्त करता है. लेकिन अब ऐसा करने पर वह अपना नाम गलत बता सकता है, लेकिन डिजिटल पहचान को नहीं बदल सकेगा.'

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
अब आसान नहीं होगा डुप्लिकेट लाइसेंस बनवाना, ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर तेजी से हो रही है यह तैयारी

अब आसान नहीं होगा डुप्लिकेट लाइसेंस बनवाना- प्रतीकात्मक फोटो

खास बातें

  1. कानून मंत्री ने कहा कि वह आधार से जोड़ने के लिए बात कर रहे हैं
  2. गडकरी से की जा रही है बात
  3. ऐसा हो गया तो गलत तरीके से डुप्लिकेट लाइंसेस बनवाना होगा मुश्किल
नई दिल्ली: सूचना प्रौद्योगिकी और कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि वह ड्राइविंग लाइसेंस को बायोमीट्रिक पहचान आधार से जोड़ने के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से बातचीत कर रहे हैं. प्रसाद ने एनएसई टेक कॉनक्लेव 2018 को संबोधित करते हुए कहा, ‘मैं नितिन गडकरी जी से बात कर रहा हूं, जिससे मोटर वाहन ड्राइविंग लाइसेंस को आधार से जोड़ा जा सके.’ प्रसाद ने कहा कि यह कदम जनता के हित में होगा.

ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना है? अब देना पड़ सकता है ट्रेनिंग स्कूल का प्रमाणपत्र

उन्होंने कहा कि यदि एक राज्य का ड्राइवर शराब पीकर दूसरे राज्य में दुर्घटना कर भागता है तो वह किसी अलग राज्य से डुप्लिकेट लाइसेंस प्राप्त करता है. लेकिन अब ऐसा करने पर वह अपना नाम गलत बता सकता है, लेकिन डिजिटल पहचान को नहीं बदल सकेगा.

टिप्पणियां
गडकरी से चल रही बातचीत पर प्रसाद ने कहा कि हम इसे तेजी से पूरा करने का प्रयास कर रहे हैं. प्रस्तावित मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक में ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन पंजीकरण को आधार से जोड़ने का प्रावधान है. इसमें यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माने का भी प्रावधान है. यह विधेयक लोकसभा में पारित हो चुका है. अभी इसे राज्यसभा की मंजूरी का इंतजार है.

इनपुट- भाषा


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Advertisement