NDTV Khabar

महंगाई बढ़ने की आशंका के कारण नीतिगत दरों में बदलाव की उम्मीद कम  

कोटक इकोनॉमिक रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार, महंगाई बढ़ने की आशंका के कारण नीतिगत दर में बदलाव की उम्मीद काफी कम है.

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
महंगाई बढ़ने की आशंका के कारण नीतिगत दरों में बदलाव की उम्मीद कम   

प्रतीकात्मक फोटो.

खास बातें

  1. मौद्रिक समिति के विवरण से लगा अनुमान
  2. इस वित्त वर्ष में खुदरा महंगाई 3.3% के आस-पास रहेगी
  3. इससे पता चलता है कि महंगाई ऊपर चढ़ने को अग्रसर है
नई दिल्ली:

रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की बैठक के विवरण से पता चलता है कि अगली बैठक में नीतिगत दरों में बदलाव की उम्मीद काफी कम है. कोटक इकोनॉमिक रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार, महंगाई बढ़ने की आशंका के कारण नीतिगत दर में बदलाव की उम्मीद काफी कम है.

यह भी पढ़ें :  10 प्वॉइंट में समझें रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समीक्षा की खास बातें

रिपोर्ट में कहा गया है कि महंगाई के दबाव के अतिरिक्त वित्तीय सुस्ती और वैश्विक बाजार में उथल-पुथल की आशंकाओं से समिति के कुछ सदस्य चिंतित हो सकते हैं. रिपोर्ट में कहा गया, समिति की अक्टूबर की बैठक के विवरण से संकेत मिलते हैं कि महंगाई बढ़ने की आशंका के कारण अधिकांश सदस्य सतर्कता बरतेंगे.

टिप्पणियां

यह भी पढ़ें :  क्या RBI इस बार क्रेडिट पॉलिसी की समीक्षा में करेगा ब्याज दरों में कटौती?

आर्थिक वृद्धि के चालू वित्त वर्ष के उत्तरार्द्ध में सुधरने की उम्मीद के बावजूद क्षमता का कम दोहन, कंपनियों पर ऋण का दबाव और बैंकिंग क्षेत्र में संकटग्रस्त संपत्तियां आदि वृद्धि के समक्ष संरचनात्मक रुकावटें पैदा करेंगे. रिपोर्ट में आशंका जताई गई कि इस वित्त वर्ष में खुदरा महंगाई 3.3 प्रतिशत के औसत के आस-पास रहेगी. 


VIDEO: न्यूज प्वाइंट : क्या फिर बढ़ेगी महंगाई? 
इससे पता चलता है कि महंगाई ऊपर चढ़ने को अग्रसर है. मूल महंगाई के भी 4.5 प्रतिशत के आस-पास रहने की आशंका है. रिपोर्ट में कहा गया, 'रिजर्व बैंक ने टिकाऊ आधार पर महंगाई की दर का लक्ष्य 4 प्रतिशत तय किया है. इससे पता चलता है कि निकट भविष्य में नीतिगत सरलीकरण की उम्मीद कम है, बशर्ते आंकड़े आश्चर्यजनक तौर पर नीचे न उतर जाएं. गौरतलब है कि रिजर्व बैंक ने बढ़ती महंगाई और घटती आर्थिक वृद्धि के मद्देनजर इस महीने की शुरुआत में हुई नीतिगत समीक्षा बैठक में ब्याज दर अपरिवर्तित रखा था.



Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करें.


Advertisement