Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

कारोबार सुगमता पर विश्व बैंक से मिली खराब रैंकिंग से केंद्र सरकार निराश

कारोबार सुगमता पर विश्व बैंक से मिली खराब रैंकिंग से केंद्र सरकार निराश

प्रतीकात्मक तस्वीर

खास बातें

  • व्यापार सुगमता की सूची में भारत इस साल 130वें पायदान पर है
  • पिछले साल इस सूची में शामिल 190 देशों में भारत 131वें पायदान पर था
  • 'निर्माण परमिट, कर्ज मिलने व अन्य मानदंडों में नाममात्र या कोई सुधार नही'
नई दिल्ली:

भारत ने इस बात पर निराशा जताई कि विश्व बैंक ने कारोबार सुगमता रिपोर्ट में केंद्र और राज्यों द्वारा किए जा रहे प्रयासों और सुधारों के प्रभाव को शामिल नहीं किया.

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री निर्मला सीतारमण ने संवाददाताओं से कहा, 'मैं इससे कुछ निराश हूं. न केवल भारत सरकार बल्कि प्रत्येक राज्य भी इसमें सक्रिय रूप से शामिल है और स्थिति को सुधारने का प्रयास कर रहा है. सामूहिक रूप से 'टीम इंडिया' इस दिशा में काफी काम कर रही है. लेकिन वजह कोई भी रही हो, इसे रैंकिंग में उचित तरीके से शामिल नहीं किया गया.'

हालांकि, मंत्री ने स्पष्ट किया कि वह रिपोर्ट की आलोचना नहीं कर रही हैं. अब हम अधिक केंद्रित तरीके और तेजी से भारत की रैंकिंग में सुधार के लिए काम करेंगे. उन्होंने कहा, 'इससे मुझे यह संदेश मिला है कि अब हमें अधिक ध्यान देना होगा और हम जो कर रहे हैं उसे अधिक तेजी से करना होगा.'

विश्व बैंक की ताजा 'कारोबार सुगमता 2017' रिपोर्ट में भारत की रैंकिंग पिछले साल की मूल रैंकिंग या स्थान 130 पर कायम रखी गई है. इसमें विभिन्न मानदंडों पर 190 अर्थव्यवस्थाओं का आकलन किया गया है. हालांकि, पिछले साल की रैंकिंग को अब संशोधित कर 131 कर दिया गया है. इस लिहाज से पिछले साल की तुलना में भारत की स्थिति में एक स्थान का सुधार हुआ है.

सीतारमण ने कहा कि अब उनका मंत्रालय राज्यों तथा उद्योगों को सुधार उपायों के बारे में जानकारी देने को अधिक सक्रियता से काम करेगा. उन्होंने कहा कि कुछ सुधार मसलन वाणिज्यिक अदालतों का गठन संभवत: विश्व बैंक की प्रणाली में शामिल नहीं हुआ. क्योंकि यह विभिन्न तारीखों तथा राज्यों में हुआ. उन्होंने कहा कि कुछ कदमांे में समय लगता है. भारत एक बड़ा देश है, इसलिए कुछ सुधारों के प्रभाव में समय लगता है. सीतारमण ने कहा, 'हालांकि, मैं बहुत हतोत्साहित नहीं हूं, यह निराशाजनक है. यह ऐसे समय है, जबकि आप चाहते हैं कि केंद्र द्वारा राज्यों द्वारा किए जा रहे विभिन्न उपायों का प्रभाव रैंकिंग प्रणाली में दिखना चाहिए.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कारोबार सुगमता की रैंकिंग में 50वें स्थान पर आने के लक्ष्य पर उन्होंने कहा कि यह अभी भी कायम है. रैंकिंग में सुधार के लिए भविष्य में किए जाने वाले उपायों के बारे में सीतारमण ने कहा कि सरकार ने सुधारों के लिए सही मार्ग चुना है. कारोबार की स्थिति को सुगम करना केंद्र और राज्यों का महत्वपूर्ण एजेंडा है.

सीतारमण ने कहा, 'अब हमारे लिए महत्वपूर्ण है कि हम राज्यों के साथ अधिक जल्दी-जल्दी बातचीत करें, ऐसे चीजों की पहचान करें जो महत्वपूर्ण हैं, जिससे इसका असर जमीनी स्तर पर दिखाई दे.' उन्होंने कहा कि जब तक उपयोग करने वाले उद्योगों या लाभार्थियों को सभी सुधारों का पूरा लाभ नहीं मिलेगा, इस तरह के कदमों का कोई लाभ नहीं है. सीतारमण ने कहा, 'मैं सभी राज्यों से बात करूंगी, जिससे वास्तविक लाभार्थी को लाभ मिल सके.'

(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)