पाक से प्याज निर्यात पर अभी नहीं हटा प्रतिबंध

खास बातें

  • वहां पाबंदी से पहले के अनुबंधों के तहत लद चुके 300 ट्रक प्याज को पाकिस्तान के व्यापारी अब वहां स्थानीय बाजारों में ही बेचने जा रहे है।
चंडीगढ़:

पाकिस्तान से वाघा चौकी के रास्ते प्याज भारत को प्याज के निर्यात पर लगी पाबंदी हटने का अभी संकेत नहीं है। ऐसे में वहां पाबंदी से पहले के अनुबंधों के तहत लद चुके 300 ट्रक प्याज को पाकिस्तान के व्यापारी अब वहां स्थानीय बाजारों में ही बेचने जा रहे है। यह जानकारी यहां भारतीय व्यापारियों ने दी। अमृतसर के सब्जी व्यापारी अनिल मेहरा ने मंगलवार को कहा कि पाकिस्तानी व्यापारी भारत भेजे जाने वाली खेप को अब वहीं बेच देंगे क्यों कि उसे ज्यादा दिन नहीं रखा जा सकता। एक अन्य व्यापारी ने कहा, ऐसा नहीं लग रहा है कि पाकिस्तान सरकार पाबंदी हटाएगी। ऐसे में प्याज आयात के पुराने सभी अनुबंध रद्द हो गए हैं। व्यापारी मुकेश सिंधवानी ने कहा, 'प्याज के आयात के लिए सभी अनुबंध अब निरस्त किए जाते हैं क्योंकि इस बात की संभावना काफी कम है कि पाकिस्तान भूमि मार्ग से होने वाले निर्यात पर प्रतिबंध हटा ले।' सिंधवानी के 150 टन प्याज प्रतिबंध के कारण अमृतसर नहीं पहुंच सके। उन्होंने कहा कि उनके सब्जी व्यापारियों द्वारा किए गए अनुरोधों पर पाकिस्तान की सरकार ने अभी तक कोई फैसला नहीं किया है। इन व्यापारियों ने प्याज निर्यात पर लगे प्रतिबंध को हटाए जाने की मांग की थी। पाकिस्तान ने देश में प्याज की उपलब्धता को बढ़ाने और कीमतों को अंकुश में रखने के लिए भूमि मार्ग से भारत को होने वाले प्याज निर्यात पर पांच जनवरी को प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी तथा छह जनवरी से कोई भी प्याज लदा ट्रक भारतीय सीमा में नहीं आया। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार ने भी पाकिस्तानी सरकार से अनुरोध किया था कि जो अनुबंधित प्याज हैं कम से कम उन्हें भूमि मार्ग से भारत लाने दिया जाये लेकिन इसमें उसे सफलता नहीं मिली। देश में प्याज की कमी को देखते हुए भारत ने पिछले वर्ष दिसंबर से पाकिस्तान से अट्टारी वाघा सीमा के जरिये प्याज आयात करना शुरू किया था। पाकिस्तान ने प्याज निर्यात शुरू करने के बाद से भारत को करीब 7,000 टन प्याज भेजा था। इस बीच अमृतसर स्थित व्यापारियों ने प्याज की जमाखोरी और अवैध मुनाफाखोरी का पता लगाने के लिए आयकर विभाग द्वारा प्याज आयातकों के यहां कल किये गये जांच अभियान के खिलाफ क्षोभ व्यक्त किया है। गोपनीयता की शर्त पर एक व्यापारी ने कहा, 'हमें अनावश्यक रूप से आयकर विभाग द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा है, हम जमाखोर नहीं हैं क्योंकि हम सब्जियों का स्टाक जमा नहीं करते तथा जैसे ही हमें आपूर्ति मिलती है हम अपने ग्राहकों को उसे बेच देते हैं।'

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