विदेशी कर्ज से नीचे आया विदेशी मुद्रा भंडार

खास बातें

  • सितंबर तिमाही के अंत में देश का विदेशी ऋण, मुद्रा भंडार के मुकाबले करीब तीन अरब डॉलर तक अधिक, 295.85 अरब डॉलर के स्तर पर रहा।
नई दिल्ली:

सात साल के अंतराल के बाद भारत का विदेशी मुद्रा भंडार देश के कुल विदेशी ऋण के स्तर से नीचे आ गया है। सितंबर तिमाही के अंत में देश का विदेशी ऋण, विदेशी मुद्रा भंडार के मुकाबले करीब तीन अरब डॉलर तक अधिक, 295.85 अरब डॉलर के स्तर पर रहा। भारत उन कुछ ही देशों में से एक है जिसका विदेशी मुद्रा भंडार विदेशी ऋण से अधिक रहा है। ऐसे देशों में चीन, रूस, मलेशिया और थाइलैंड शामिल हैं। हालांकि विदेशी ऋण में बढ़ोतरी के चलते देश का विदेशी मुद्रा भंडार विदेशी ऋण के स्तर से नीचे आ गया। इससे पहले 2003-04 में ऐसी स्थिति थी। वित्त मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर तिमाही में देश का विदेशी मुद्रा भंडार, विदेशी ऋण का 99 प्रतिशत रहा।

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