यह ख़बर 15 सितंबर, 2014 को प्रकाशित हुई थी

पूर्व सीएजी विनोद राय ने कहा, मनमोहन सिंह चाहते तो रुक सकता था घोटाला

नई दिल्ली:

पूर्व सीएजी विनोद राय ने एक किताब लिखी है, 'नॉट जस्ट एनअकाउटेंट'। इस किताब से पहले ही राय के तमाम वक्तव्यों से पूर्व की यूपीए सरकार विवादों में घिरी। अब इस किताब के बाजार में आने पर भी ऐसा ही माना जा रहा है कि तमाम विवाद होंगे और कुछ अनसुलझे सवालों के जवाब मिलेंगे। एनडीटीवी से खास बातचीत में पूर्व सीएजी विनोद राय ने तमाम बात कहीं।

एनडीटीवी से बातचीत में विनोद राय ने कहा कि मैंने कभी नहीं कहा कि कौन जिम्मेदार है? मेरी राय में पीएम मनमोहन सिंह को कोयला घोटाले में नहीं घसीटा जाना चाहिए। जैसे ही मनमोहन सिंह के ध्यान में इस संबंध में बात लाई गई, वैसे ही उन्होंने कदम उठाए, लेकिन दुर्भाग्य से कोयला मंत्रालय आगे उनके पास नहीं रहा और फिर जो मंत्री बने, उन्होंने अपने विवेक से निर्णय लिये। प्रधानमंत्री की नजर में यह बात रही या न रही कि जो निर्णय उन्होंने कोयला मंत्री रहते लिए थे वह लागू हुए कि नहीं।

पूर्व सीएजी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से भले ही को गड़बड़ी नहीं हुई, लेकिन सिस्टम ने पीएम की बात नहीं मानी। फिर भी सिस्टम की गलती की जिम्मेदारी पीएम की मानी जाएगी।

पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल के मुताबिक, 2जी में कोई घाटा नहीं हुआ। इस बात पर पूर्व सीएजी ने कहा कि मनमोहन सिंह चाहते तो टेलीकॉम स्कैम को रोक सकते थे। उन्होंने कहा कि पूर्व दूरसंचार मंत्री एक राजा की चिट्ठी के बाद पीएम का जवाब अगर अलग होता तब यह घोटाला नहीं हो सकता था। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा जीओएम में उठाया जाना चाहिए था, जैसा पीएमओ, वित्त मंत्रालय और कानून मंत्रालय ने कहा था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

पूर्व सीएजी ने कहा कि हमने कभी भी अपनी रिपोर्ट में स्कैम, घोटाला या भ्रष्टाचार शब्द का जिक्र नहीं किया है।

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सीएजी रिपोर्ट को तैयार करते समय कभी भी सरकार के मंत्री या पीएम के साथ साझा नहीं की जाती। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट तैयार करते समय उसे कभी भी किसी के साथ शेयर नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि सीएजी संसद के लिए रिपोर्ट तैयार करती है।

पूर्व सीएजी राय ने कहा कि किसी भी रिपोर्ट पर कभी भी पूर्ण सहमति नहीं होती है। कोई न कोई विरोध करेगा ही करेगा।

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एयर इंडिया के मामले में सीएजी की रिपोर्ट पर पूर्व नागरिक उड्डयन मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि उनका घोटाले से कोई लेना-देना नहीं है। उल्लेखनीय है कि पटेल ने राय को कानूनी नोटिस तक भेजने की धमकी दी है। राय ने कहा कि तमाम ऐसी रिपोर्टें होती हैं, जिन पर चर्चा नहीं होती है।

पटेल के मंत्री रहते हुए एयर इंडिया ने 28 जहाज खरीदने की बात कही। लेकिन मंत्री रहते पटेल ने उनके प्रस्ताव को वापस कर दिया और लंबी अवधि की योजना बनाने की बात कही।

बाद में एयर इंडिया ने 50 एयरक्राफ्ट खरीदने की मांग की। यह योजना 38 हजार करोड़ रुपये की थी। इससे एयर इंडिया को सालाना काफी घाटा उठाना पड़ा।