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लिबॉर घोटाले की जांच में फंसे चार यूरोपीय बैंक

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खास बातें

  1. वैश्विक मानक मानी जाने वाली ब्याज दर ‘लिबॉर’ में गड़बड़ी के प्रयासों के बाद नियामक यूरोप के चार बड़े बैंकों क्रेडिट एग्रीकोल, एचएसबीसी, डॉयचे बैंक तथा सोसायटे जेनरले की जांच कर रहे हैं।
लंदन:

वैश्विक मानक मानी जाने वाली ब्याज दर ‘लिबॉर’ में गड़बड़ी के प्रयासों के बाद नियामक यूरोप के चार बड़े बैंकों . क्रेडिट एग्रीकोल, एचएसबीसी, डॉयचे बैंक तथा सोसायटे जेनरले की जांच कर रहे हैं, यहां मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।

सूत्रों ने बताया कि इन चार बैंकों के व्यापारियों तथा बार्कले के पूर्व कारोबारी फिलिप्प मोरउसेफ के बीच संबंधों के प्रमाण की जांच की जा रही है।

बार्कले के चेयरमैन मार्कस एजिअस के त्यागपत्र देने के बाद यह मामला उछला। मार्कस ने इसी महीने अपने पद से त्यागपत्र दिया। अमेरिकी तथा ब्रिटेन में अधिकारियों ने वैश्विक बेंचमार्क उधारी दरों में गड़बड़ी के आरोपों को निपटाने के लिए बैंक पर 29 करोड़ पौंड का जुर्माना लगाया था।

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रिपोर्ट के अनुसार मोरेउसेफ वह व्यापारी था जिसने 2005 से 2007 तक बार्कले के साथ काम किया और जिसने बेंचमार्क ब्याज दरों में गड़बड़ी की। इसके अनुसार नियामक क्रेडिट एग्रीकोल में माइकल जरीहेन, एचएसबीसी में डिडियर सांडेर, डॉयचे बैंक में बिट्टर के साथ संदिग्ध संवाद की जांच कर रहे हैं। फिलहाल ये लोग सम्बद्ध संस्थान में काम नहीं करते हैं।


लिबॉर यानी लंदन इंटरबैंक रेट बार्कलेज सहित प्रमुख बैंकों के छोटे और चुनींदा पैनल द्वारा दी जाने वाली दर पर आधारित होता है। इसके ब्रिटिश बैंकर्स एसोसियेसन द्वारा गणना करने के बाद विभिन्न मुद्राओं के लिये प्रकाशित किया जाता है। आमतौर पर यह दर लंदन इंटरबैंक बाजार में बिना किसी पुख्ता गारंटी वाले कोष की उधारी की दर को दर्शाता है।



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