कंपनी प्रवर्तकों द्वारा उपहार में दिए गए शेयरों को बिक्री माना जाएगा : सेबी

कंपनी प्रवर्तकों द्वारा उपहार में दिए गए शेयरों को बिक्री माना जाएगा : सेबी

नई दिल्ली:

कंपनी के किसी प्रवर्तक द्वारा अपनी पत्नी को शेयरों का हस्तांतरण चाहे वह उपहार के रूप में ही क्यों न दिए गए हों और उसमें कोई मौद्रिक प्राप्ति नहीं हुई हो, उसे शेयरों की बिक्री ही माना जाएगा. पूंजी बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने यह जानकारी दी है.

सेबी दिशानिर्देशों के मुताबिक कंपनी के प्रवर्तक तरजीही आधार पर अथवा वारंट के रूप में शेयर आवंटन के पात्र नहीं है. सेबी ने यह बात इस संदर्भ में कही है कि प्रवर्तक समूह कंपनियों के बीच पिछले छह माह के दौरान यदि शेयरों का कोई हस्तांतरण हुआ है.

सेबी ने केजेएमसी फाइनेंसियल सर्विसिज के आवेदन पर अपने विचार व्यक्त करते हुये कहा है कि सेबी के पूंजी इश्यू और खुलासा आवश्यकता नियमनों के मुताबिक उपहार के रूप में शेयरों का हस्तांतरण भी शेयरों की बिक्री माना जाएगा.

सेबी के इन्हीं नियमनों के मुताबिक इश्यू जारी करने वाली कंपनी का यदि कोई प्रवर्तक और प्रवर्तक समूह का कोई व्यक्ति अपनी इक्विटी को तय तिथि से छह माह पूर्व बेचता है तो वह ऐसी प्रतिभूति को तरजीही आधार पर आवंटित करने के योग्य नहीं होगा.

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केजेएमसी फाइनेंसियल सर्विस ने सेबी से स्पष्टीकरण मांगा था. उसने पूछा था कि क्या उसके प्रवर्तक द्वारा अपनी पत्नी को उपहार स्वरूप दिये गये शेयरों को सेबी के ‘इश्यू ऑफ कैपिटल एण्ड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट - आईसीडीआर’ के तहत शेयरों की बिक्री माना जाएगा.

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)