सोने का भाव 50,000 के पार, आखिर लॉकडाउन की आर्थिक तंगी में भी क्यों आसमान छू रही हैं कीमतें?

सोने का भाव 50 हजार के पार पहुंच गया है. आज बुधवार को सोने के प्रति तोले का भाव 50,280 है, इसपर 1500 रुपए जीएसटी अलग से है.

सोने का भाव 50,000 के पार, आखिर लॉकडाउन की आर्थिक तंगी में भी क्यों आसमान छू रही हैं कीमतें?

लॉकडाउन में सोने के दाम बढ़ने की कई वजहें हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

खास बातें

  • प्रति तोला 50,000 पहुंचा सोने का दाम
  • लॉकडाउन में भी तेजी से बढ़ी हैं कीमतें
  • आखिर क्या है वजह?
मुंबई:

देश में कोरोनावायरस के चलते लागू लॉकडाउन से आई आर्थिक तंगी ने लोगों की कमर तोड़ रखी है. ऐसे में सोने की कीमतें आसमान छूती दिखाई दे रही हैं. सोने का भाव 50 हजार के पार पहुंच गया है. आज बुधवार को सोने के प्रति तोले का भाव 50,280 है, इसपर 1500 रुपए जीएसटी अलग से है. जब लॉकडाउन में बाजार मंदा चल रहा है, ऐसे में सोने में यह तेजी थोड़ा हैरान करती है. आखिर ऐसी क्या वजह है कि एक तरफ कोरोना के चलते आर्थिक तंगी का माहौल है दूसरी तरफ सोने का भाव बढ़ रहा है? 

मुंबई में सोना कारोबारियों में इसे लेकर अलग-अलग राय है. कुछ का मानना है कि ये अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर है जबकि कुछ का मानना है कि ये बढ़त हैरान करने वाली है. संभव है कि बनावटी हो और ज्यादा दिन ये भाव टिकेगा नही. इसे लेकर मालाड में शुभम ज्वेलर्स के मालिक शिव अग्रवाल से बातचीत की है, जिसमें समझने की कोशिश की गई है कि ऐसे वक्त में सोने की बढ़ती कीमतों का क्या मतलब है.

सोने के व्यापार से जुड़े व्यापारी का मानना है कि आर्थिक संकट में लोग सोने में निवेश को तरजीह दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी से आई आर्थिक से संकट में लोग बाजार की बजाय सोने में निवेश को बेहतर मान रहे हैं.  इसके अलावा भारत में शादी ब्याह  और त्योहार का सीजन आने वाला है इसलिए भी मांग बढ़ी है.

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

इसके अलावा सोने की खानों में काम ठप होना भी एक बड़ी वजह है. दुनिया भर की सोने की खान में खुदाई कम हो रही है क्योंकि मजदूरों में कोरोनावायरस का भय है. वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के दामों में उतार-चढ़ाव भी एक बड़ा कारक है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना, जो 1250 डॉलर था वो बढ़कर 1700 डॉलर जा चुका है.

एक और वजह अमेरिकी फेडरल बैंक का फैसला भी है. अमेरिका के फेडरल बैंक में ब्याज दर वृद्धि पर 2022 तक की रोक की वजह से बैंक में निवेश की बजाय सोना में निवेश बढ़ा है.