पहली बार बाजार में आएगा 100 रुपये का स‍िक्‍का, जानिए क्‍या होगा खास?

तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री व दक्षिण भारत के सुपरस्टार रहे डॉक्‍टर एमजी रामचंद्रन के सम्‍मान में सरकार 100 रुपये का स‍िक्‍का जारी करेगी.

पहली बार बाजार में आएगा 100 रुपये का स‍िक्‍का, जानिए क्‍या होगा खास?

नई द‍िल्‍ली :

केंद्र सरकार जल्‍द ही देश में पहली बार 100 रुपये का सिक्‍का जारी करेगी. वित्त मंत्रालय ने एक अध‍िसूचना जारी कर कहा है कि सरकार तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री व दक्षिण भारत के सुपरस्टार रहे डॉक्‍टर एमजी रामचंद्रन (एमजीआर) के जन्‍मशताबदी के मौके पर 100 रुपये का स‍िक्‍का जारी करेगी. इसके अलावा रिजर्व बैंक उनके सम्‍मान में पांच और 10 रुपये के भी नए सिक्‍के जारी करेगा. आपको बता दें कि एमजीआर भारत रत्‍न हैं. 

पढ़ें: 200 रुपये के नए नोट की ये है 5 खास बातें 

100 रुपये के सिक्के में क्‍या है खास?
100 रुपये के सिक्के पर एमजी रामचंद्रन की तस्‍वीर होगी और इसके नीचे 'DR M G Ramachandran Birth Centenary' लिखा होगा. इसके अगले भाग पर अशोक स्तंभ बना होगा जिसके नीचे 'सत्यमेव जयते' लिखा होगा. अशोक स्तंभ में एक ओर भारत और एक ओर INDIA लिखा होगा. इसके नीचे अंकों में 100 लिखा होगा. 100 रुपये के इस नए सिक्‍के की गोलाई 44 म‍िलीमीटर होगी. इसमें 50 फीसदी चांदी, 40 फीसदी तांबा, पांच-पांच फीसदी निकेल और जस्ता होगा.

5 रुपये के सिक्के में क्‍या है खास?
पांच रुपये के सिक्के का वजन छह ग्राम और गोलाई 23 मिलीमीटर होगी. इसमें 75 फीसदी कॉपर, 20 फीसदी जिंक और पांच फीसदी निकेल का मिश्रण होगा. इस सिक्‍के के एक भाग पर अशोक स्तंभ बना होगा, जिसके नीचे 'सत्यमेव जयते' लिखा होगा. इस सिक्‍के पर अशोक स्तंभ के साथ एक तरफ भारत और दूसरी तरफ INDIA भी लिखा होगा. साथ ही इसके नीचे अंकों में 5 लिखा होगा. सिक्के के पिछले भाग पर डॉक्‍टर एमजी रामचंद्रन की फोटो बनी होगी और इस फोटो के नीचे 1917-2017 लिखा होगा.

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

पढ़ें: ऐसा होगा नया 50 का नोट, 10 खास बातें

कौन हैं डॉक्‍टर एमजी रामचंद्रन?
17 जनवरी 1917 को श्रीलंका के कैंडी में जन्मे एमजी रामचंद्रन ने ही 1972 में एआईडीएमके की स्थापना की. रामचंद्रन 1977 से 1987 तक तीन बार तमिलनाडु के मुख्यमंत्री रहे. राजनीति में आने से पहले वह दक्षिण भारतीय फिल्मों के बड़े अभिनेता और फिल्म निर्माता थे. रामचंद्रन ही पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता को भी राजनीति में लेकर आए थे. साल 1988 में उन्हें मरणोपरांत देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से नवाजा गया.