NDTV Khabar

इंफोसिस के दिग्गजों ने लॉन्च किया 'जीएसटीस्टार'; पेशेवरों और कारोबारियों की करेगा मदद...

जीएसटीएसएटी निवेशक के संरक्षक वी. बालाकृष्णन ने कहा, जीएसटी लागू होने से भारत में कारोबार करने में आसानी होगी. इसके साथ जीडीपी में वृद्धि होगी.

89 Shares
ईमेल करें
टिप्पणियां
इंफोसिस के दिग्गजों ने लॉन्च किया 'जीएसटीस्टार'; पेशेवरों और कारोबारियों की करेगा मदद...

जीएसटीस्टार इंफोसिस द्वारा लॉन्च किया गया.. (प्रतीकात्मक फोटो)

खास बातें

  1. इंफोसिस के दिग्गजों ने मंगलवार को जीएसटीस्टार लॉन्च किया
  2. इसके क्लाउड संस्करण के लिए न्यूनतम शुल्क 500 रुपये प्रति माह होगा
  3. जीएसटी एक जुलाई 2017 से लागू होना है
बेंगलुरू: इंफोसिस के दिग्गजों ने मंगलवार को जीएसटीस्टार लॉन्च किया, जो वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) शासन के कारोबार, पेशेवरों और बड़े संगठनों की जरूरतों को पूरा करने का एक व्यापक समाधान है. जीएसटीएसटीएआर के सह-संस्थापक शैलेश अग्रवाल ने कहा, यह छोटे और बड़े उद्यमों की जीएसटी जरूरतें पूरी करता है. क्लाउड संस्करण के लिए न्यूनतम शुल्क 500 रुपये प्रति माह होगा और बड़े उद्यमों के लिए उनके परिसर में उनके अनुकूल तैनाती का एक बार शुल्क 10 लाख रुपये से 40 लाख रुपये तक हो सकता है, जो संगठन के आकार पर निर्भर करता है.

अग्रवाल ने कहा, "इसके अलावा, पेशेवर इसे सीमित अवधि के लिए मुफ्त प्राप्त कर सकते हैं." इन्फोसिस के दिग्गजों -अग्रवाल और बालाजी जी.एस. राव- द्वारा स्थापित बेंगलुरू स्थित जीएसटीस्टार जीएसटी अनुपालन के लिए उत्पादों और सेवाओं की पेशकश करता है और जीएसटी युग की तरफ कारोबार में बदलाव में मदद करता है.

अग्रवाल ने कहा, "सॉफ्टवेयर उद्योग के दिग्गज और इंफोसिस के पूर्व निदेशक टी. वी. मोहनदास पई और वी. बालाकृष्णन के अलावा अन्य लोगों ने 10 लाख डॉलर (6.4 करोड़ रुपये) का निवेश किया है. जीएसटी व्यवस्था पहली जुलाई से लागू होने के बाद करदाताओं की संख्या मौजूदा के 80 लाख से बढ़कर 3.5 करोड़ होने की संभावना है. उन्होंने कहा, "हम अगले साल देश में 3,600 करोड़ रुपये के बाजार में 10 फीसदी तक पहुंचने की उम्मीद रखते हैं."

जीएसटीएसएटी निवेशक के संरक्षक वी. बालाकृष्णन ने कहा, जीएसटी लागू होने से भारत में कारोबार करने में आसानी होगी. इसके साथ जीडीपी में वृद्धि होगी. वहीं, जीएसटीस्टार न सिर्फ बड़ी कंपनियों की मदद करेगी, बल्कि इसे छोटे और मध्यम आकार के उद्यमों को भी ध्यान में रखकर बनाया गया है.


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Advertisement