यदी हम 'इसरो' चला सकते हैं तो 'एयर इंडिया' क्यों नहीं : सुब्रमण्यम स्वामी

भाजपा के राज्यसभा सदस्य सुब्रमण्यम स्वामी ने एयर इंडिया के प्रस्तावित विनिवेश के कदम पर सवाल खड़ा करते हुए इस बात पर हैरानी जताई कि एयरलाइन को बेचे जाने की आखिर आवश्यकता क्यों पड़ी जबकि इसकी सीटें भरी होती हैं.

यदी हम 'इसरो' चला सकते हैं तो 'एयर इंडिया' क्यों नहीं : सुब्रमण्यम स्वामी

बीजेपी सांसद ने एयर इंडिया के निजीकरण के विचार पर सवाल खड़े किए हैं (फाइल फोटो)

खास बातें

  • नीति आयोग ने PMO को एयरलाइन के पूर्ण निजीकरण का सुझाव दिया
  • FM ने उड्डयन मंत्रालय को निजीकरण की संभावनाओं पर चर्चा की थी
  • सुब्रमण्यम स्वामी ने सरकार की इस पहल का कड़ा विरोध किया है
नई दिल्ली:

भाजपा के राज्यसभा सदस्य सुब्रमण्यम स्वामी ने एयर इंडिया के प्रस्तावित विनिवेश के कदम पर सवाल खड़ा करते हुए इस बात पर हैरानी जताई कि एयरलाइन को बेचे जाने की आखिर आवश्यकता क्यों पड़ी जबकि इसकी सीटें भरी होती हैं.

स्वामी ने ट्वीट किया कि दिल्ली में उन्होंने आने और जाने, दोनों ओर से एयर इंडिया से सफर किया है. सभी तीनों वर्गों में हर सीट भरी रहती है. तो आखिर इसे क्यों बेचा जाए. अगर हम इसरो को चला सकते हैं तो एअर इंडिया को क्यों नहीं? नीति आयोग ने प्रधानमंत्री कार्यालय को एयरलाइन के पूर्ण निजीकरण का सुझाव दिया है.

उनका यह बयान वित्त मंत्री के उस बयान के बाद आया है जिसमें वित्त मंत्री अरुण जेटली ने हाल ही में कहा कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय को सभी संभावनाओं का पता लगाने की जरूरत है जैसा कि एयर इंडिया के निजीकरण को किया जा सकता है.
गौरतलब है कि एयर इंडिया पर वर्तमान में 52 हजार करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ है.

बहरहाल, एयर इंडिया के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि अपना कर्ज चुकाने के लिए विमानन कंपनी के पास पर्याप्त संपत्ति है और सरकार को इसे बेचने या किसी निजी हाथों में सौंपने में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए.

(इनपुट भाषा से भी)

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