रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति के निर्णयों पर ईंधन के दाम का असर झलक सकता है

यह पहला मौका है जब प्रशासनिक जरूरतों के कारण मौद्रिक नीति समिति की बैठक तीन दिन चलेगी.

रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति के निर्णयों पर ईंधन के दाम का असर झलक सकता है

आरबीआई.

मुंबई:

रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की अगली बैठक के निष्कषों पर पेट्रोलियम उत्पादों में तेजी का असर पड़ सकता है. एमपीसी की बैठक चार से शुरू होगी और तीन दिन चलेगी.  यह पहला मौका है जब प्रशासनिक जरूरतों के कारण मौद्रिक नीति समिति की बैठक तीन दिन चलेगी. सामान्य स्थिति में समिति मौद्रिक नीति की घोषणा से पहले दो महीने में दो दिन के लिये बैठक करती है. 

रिजर्व बैंक ने एक बयान में कहा, ‘‘एमपीसी की 2018-19 की दूसरी द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा के लिये 4-6 जून को बैठक होगी. एमपीसी के निर्णय को छह जून 2018 को दोपहर 2.30 मिनट पर वेबसाइट पर डाला जाएगा.’’ 

एमपीसी की बैठक पहले पांच जून को होनी थी लेकिन बाद में इसे एक दिन पहले किया गया. 

मौद्रिक नीति समीक्षा में खुदरा मुद्रास्फीति पर गौर किया जाएगा जो अप्रैल में चार महीने के उच्च स्तर 3.18 प्रतिशत पर पहुंच गयी. मुख्य रूप से पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने से महंगाई दर बढ़ी. 

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में वृद्धि के कारण घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल के दाम चढ़े हैं. पेट्रोल और डीजल की ऊंची कीमतें मुद्रास्फीति में वृद्धि कर सकती हैं. 
 

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

 
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