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इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइलिंग की आखिरी डेट भी चूक गए? लेट फाइल करने वाले यह जान लें...

समय से रिर्टन भर देने के अपने फायदे हैं और देरी करने पर अपने नुकसान हैं. अगर आपने नहीं भरा है अभी तक रिटर्न तो जितना जल्दी हो भर लें.

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इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइलिंग की आखिरी डेट भी चूक गए? लेट फाइल करने वाले यह जान लें...

इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइलिंग की आखिरी डेट भी चूक गए?- प्रतीकात्मक फोटो

खास बातें

  1. 5 अगस्त आईटीआर फाइल करने की आखिरी तारीख थी
  2. यदि आप लेट हो गए हैं तो आईटी विभाग के सवाल जवाब के लिए तैयार रहें
  3. आपको जुर्माना और ब्याज या फिर दोनों में से एक देना पड़ सकता है
नई दिल्ली: इनकम टैक्स रिटर्न भरने की आखिरी तारीख प्रत्येक आकलन वर्ष की 31 जुलाई होती है लेकिन अक्सर सरकार इसे बढ़ा देती है. इस बार भी ऐसा किया गया और इस तारीख को बढ़ाकर 5 अगस्त कर दिया गया. अब यदि इस तारीख से भी आप चूक गए हों तो आप इनकम टैक्स विभाग की नजर में आ जाएंगे, यकीन मानिए. समय से रिर्टन भर देने के अपने फायदे हैं और देरी करने पर अपने नुकसान हैं. अगर आपने नहीं भरा है अभी तक रिटर्न तो जितना जल्दी हो भर लें क्योंकि ये मानकर चलिए कि दिक्कत तो आपकी शुरू हो चुकी है. 

मोटामोटी तौर पर, आइए जानें कि रिटर्न लेट फाइल करने पर क्या होगा : 

पहली चीज, यदि आपकी सालाना कुल आय पर इनकम टैक्स ड्यू (बकाया) है तो जितना यह ड्यू है, उस पर 1 अप्रैल 2017 से लेकर जिस दिन भी आप टैक्स भर रहे हैं, उस तारीख तक ब्याज देना होगा. टैक्स की यह दर प्रतिमाह के हिसाब से 1 प्रतिशत है. 

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दूसरी चीज, तय तारीख के बाद इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने पर आपसे पूछा जाएगा कि आखिरी इस देरी की वजह क्या है. अब यह आकलन अधिकारी के विवेक पर निर्भर करता है कि वह देर से फाइल करने के लिए बताई गई आपकी वजहों को कितना वाजिब मानता है. यदि वह आपके कारण और तर्क को स्वीकार नहीं करेगा तो आपको 5 हजार रुपये जुर्माना तक देना पड़ सकता है. यह जुर्माना अतिरिक्त रकम होगी जो आप चुकाएंगे. क्योंकि, 1 अप्रैल 2017 से लेकर जिस तारीख को आप रिटर्न फाइल कर रहे हैं, उस तारीख तक आपको 1 प्रतिशत की दर से ब्याज भी देना होगा. हालांकि यह ब्याज आपको तभी देना होगा जब  आपका ड्यू होगा. 

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तीसरी चीज, यदि कोई बकाया नहीं बनता है तो आपको ब्याज नहीं देना होगा. लेकिन हां जुर्माना देना पड़ सकता है और इसके लिए भी यह है कि यह देना होगा या नहीं, यह आकलन अधिकारी पर निर्भर करता है. यह भी बताते चलें कि ये नियम 31 मार्च 2018 तक ही लागू हैं. 

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यहां आपको हम यह बताना जरूरी समझते हैं कि यहां हमने मोटामोटी जानकारी लिखी है. इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना हर उस नागरिक का कर्त्तव्य है जो इस दायरे में आता है. ऐसे में समय से भरें और चिंतामुक्त रहें. 


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