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मोजाम्बिक के बाद अब ब्राजील से दाल आयात करेगा भारत, मांग के मुताबिक आपूर्ति के लिए जद्दोजहद

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मोजाम्बिक के बाद अब ब्राजील से दाल आयात करेगा भारत, मांग के मुताबिक आपूर्ति के लिए जद्दोजहद

प्रतीकात्मक फोटो

खास बातें

  1. पहले 58 लाख टन दाल का आयात किया गया
  2. 24 लाख टन की कमी दूर करने के लिए फिर आयात
  3. दो हफ्ते से दाल की कीमतों में फिर उथल-पुथल शुरू
नई दिल्ली:

दाल संकट से निपटने की जद्दोजहद में जुटे खाद्य मंत्रालय ने मोजाम्बिक के बाद 14500 किलोमीटर दूर ब्राजील से दाल आयात करने के लिए बातचीत शुरू कर दी है. खाद्य मंत्री राम विलास पासवान की हाल की ब्राज़ील यात्रा के दौरान वहां के कृषि मंत्री भारत को दाल सप्लाई करने के प्रस्ताव पर तैयार हो गए. खाद्य मंत्री राम विलास पासवान ने कहा "ब्राजील दाल की सप्लाई के लिए सैद्धांतिक तौर पर तैयार हो गया है. हम गवर्नमेंट टू गवर्नमेंट कॉन्ट्रेक्ट के लिए तैयार हैं."

अब ब्राजील सरकार ने फील्ड ट्रायल के लिए भारत से दलहन के बीज मांगे हैं. वहां के एक बड़े इलाके की आबोहवा और मिट्टी भारत से मिलती-जुलती है. ट्रायल्स के बाद दाल की सप्लाई को लेकर करार पर बात होगी.

साल 2015-16 में देश में दाल की मांग 246 लाख टन की थी जबकि उत्पादन 164 लाख टन के आसपास रहा. यानी जरूरत से 82 लाख टन कम. इस कमी को पूरा करने के लिए 58 लाख टन दाल का आयात किया गया. फिर भी 24 लाख टन की कमी रही. अब मोजाम्बिक के बाद सरकार ब्राजील सरकार के साथ दाल के आयात के लिए करार करने की तैयारी कर रही है. सरकार की मंशा आने वाले समय में देश में दाल की बढ़ती मांग को देखते हुए बाजार में जरूरत के मुताबिक उसकी उपलब्धता बढ़ाने की है.  


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यह फैसला ऐसे वक्त पर लिया गया है जब पिछले दो हफ्ते से दाल की कीमतों में फिर उथल-पुथल शुरू हो गई है. दिल्ली के साउथ एवेन्यू इलाके के किराना दुकानदार अशोक खुराना ने एनडीटीवी से कहा "पिछले दो हफ्ते में चना दाल 50 फीसदी महंगा हो गया है. 80 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 120 रुपये प्रति किलो हो गया है."

इस बीच दाल की पैदावार बढ़ाने के लिए बनाई गई एक विशेष कमेटी ने वित्त मंत्री को सौंपी अपनी रिपोर्ट में बड़े बदलाव की सिफारिश की है. मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम की अध्यक्षता वाली समिति ने सिफारिश की है कि सरकार चना का न्यूनतम समर्थन मूल्य तत्काल बढ़ाकर 4,000 रुपये प्रति क्लिंटल करे और खरीफ सीजन 2017 के लिए उड़द और तुअर का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाकर 6,000 रुपये प्रति क्विंटल करे. अरविंद सुब्रमण्यम कमेटी ने जीएम दालें  विकसित करने की भी सिफारिश की है.



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