अक्तूबर में निर्यात 1.63 प्रतिशत घटा, व्यापार घाटा रिकॉर्ड ऊंचाई पर

खास बातें

  • देश का निर्यात अक्तूबर में सालाना आधार पर 1.63 प्रतिशत घट गया और व्यापार घाटा 21 अरब डॉलर की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया है। हालांकि, पिछले माह की तुलना में यह गिरावट कम रही है।
नई दिल्ली:

देश का निर्यात अक्तूबर में सालाना आधार पर 1.63 प्रतिशत घट गया और व्यापार घाटा 21 अरब डॉलर की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया है। हालांकि, पिछले माह की तुलना में यह गिरावट कम रही है।

अमेरिका और यूरोपीय बाजारों में सुस्त मांग के चलते देश के निर्यात में लगातार छठे महीने गिरावट दर्ज की गई है। अक्तूबर में निर्यात बीते साल की इसी अवधि के मुकाबले 1.63 प्रतिशत घटकर 23.2 अरब डॉलर रहा। सितंबर महीने में निर्यात 11 प्रतिशत घटा था।

अक्तूबर, 2011 में देश से 23.6 अरब डॉलर का निर्यात किया गया था।

हालांकि, अक्तूबर में आयात 7.37 प्रतिशत बढ़कर 44.2 अरब डॉलर पहुंच गया। यह आयात का पिछले 18 माह का उच्च स्तर है। इससे व्यापार घाटा 20.96 अरब डॉलर रहा। इससे पहले मई, 2011 में आयात 45.2 अरब डॉलर रहा था।

चालू वित्त वर्ष के पहले सात महीनों (अप्रैल से अक्तूबर) के दौरान निर्यात 6.18 प्रतिशत घटकर 166.92 अरब डॉलर रहा, जबकि आयात 2.66 प्रतिशत घटकर 277.13 अरब डॉलर रहा। इस अवधि में व्यापार घाटा 110.2 अरब डॉलर का रहा।

यहां निर्यात आयात के आंकड़े जारी करते हुए वाणिज्य सचिव एसआर राव ने बताया, विश्व व्यापार निरंतर सिकुड़ रहा है। विश्व के साथ हमारा जुड़ाव बढ़ा है, इसलिए किसी भी घटनाक्रम का भारत के व्यापार पर असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सोने और पेट्रोलियम का आयात बढ़ने के चलते देश का आयात बिल बढ़ा है।

अक्तूबर में तेल आयात 31.6 प्रतिशत बढ़कर 14.78 अरब डॉलर रहा, जबकि गैर-तेल आयात 1.73 प्रतिशत घटकर 29.42 अरब डॉलर पर आ गया।

अप्रैल-अक्तूबर, 2012 के दौरान तेल आयात 10 प्रतिशत तक बढ़कर 95.5 अरब डॉलर पर पहुंच गया, जो बीते वित्त वर्ष की समान अवधि में 86.8 अरब डॉलर था। हालांकि, इस दौरान गैर-तेल आयात 8.22 प्रतिशत घटकर 181.56 अरब डॉलर पर आ गया।

निर्यातकों के शीर्ष संगठन फियो के अध्यक्ष रफीक अहमद ने कहा कि हाल के समय में व्यापार घाटा काफी ऊंचा रहा है। इसकी वजह तेल आयात में बढ़ोतरी है।

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ऊंचा व्यापार घाटा चिंता का विषय है, क्योंकि इससे देश के चालू खाते के घाटे में बढ़ोतरी होती है। अहमद ने हालांकि कहा कि अक्तूबर में निर्यात में गिरावट में कमी सुधारों का संकेत है।

इस बीच, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री आनंद शर्मा के आदेश पर विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) निर्यात के विभिन्न क्षेत्रों के प्रदर्शन की समीक्षा कर रहा है। राव ने कहा, डीजीएफटी ने सभी अंशधारकों से गहन विचार-विमर्श किया है। समीक्षा का काम एक-दो दिन में पूरा हो जाएगा। उन्होंने बताया कि निर्यात क्षेत्र के विश्लेषण के बाद मंत्री यह फैसला करेंगे कि क्या विदेश व्यापार नीति (एफटीपी) की मध्यावधि समीक्षा की जरूरत है और क्या निर्यात को प्रोत्साहन के लिए कुछ विशेष कदम उठाने की जरूरत है।