अर्थव्यवस्था को झटका, औद्योगिक उत्पादन 2.7 फीसदी पर पहुंचा

खास बातें

  • नवम्बर माह के दौरान औद्योगिक उत्पादन की विकास दर घट कर 2.7 फीसदी स्तर पर आ गई, जो 18 महीने में न्यूनतम है।
नई दिल्ली:

नवम्बर माह के दौरान औद्योगिक उत्पादन की विकास दर घट कर 2.7 फीसदी स्तर पर आ गई, जो 18 महीने में न्यूनतम है। अनिवार्य वस्तुओं की महंगाई से पहले ही जूझ रही सरकार के लिए यह एक नया झटका है। बुधवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार औद्योगिक उत्पादन दर नवम्बर माह में गिरकर 2.7 फीसदी पर आ गई जो कि मई 2009 के बाद न्यूनतम विकास दर है।  केंद्रीय वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने संवाददाताओं से कहा कि महंगाई की दर ऊपर की ओर जा रही है, जबकि औद्योगिकी उत्पादन दर में गिरावट आई है। यह स्थिति अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने हालांकि कहा कि वे उपयुक्त समय से पहले कोई निष्कर्ष निकालने की जल्दीबाजी नहीं करेंगे। उन्होंने विकास दर में इस गिरावट के लिए कुछ हद तक आधार प्रभाव को भी जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि पिछले साल भी इसी समय आधार प्रभाव के कारण औद्योगिक उत्पादन की दर में तेज उछाल दर्ज की गई थी। उन्होंने कहा कि अगले चार महीनों में स्थिति सामान्य हो सकती है। औद्योगिक उत्पादन दर में आई गिरावट भारतीय रिजर्व बैंक के सामने दुविधा खड़ी कर सकती है, जो खाद्य महंगाई पर अंकुश लगाने के लिए ब्याज दरों में बढ़ोतरी की नीति पर चल रही है। बुधवार को सरकार की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक नवम्बर माह में औद्योगिक उत्पादन की विकास दर 2.7 फीसदी रही, जो पिछले 18 महीने में न्यूनतम है। इससे पिछले माह में यह दर 11.3 फीसदी के स्तर पर थी। सर्वाधिक गिरावट दैनिक उपभोक्ता वस्तु क्षेत्र में देखी गई। इसमें छह फीसदी का नकारात्मक विकास देखा गया। पिछले साल की समान अवधि में इस क्षेत्र में 36 फीसदी की विकास दर दर्ज की गई थी। औद्योगिक उत्पादन की विकास दर के सर्वाधिक महत्वपूर्ण घटक निर्माण क्षेत्र में 2.3 फीसदी का विकास दर्ज किया गया, जिसमें पिछले साल की समान अवधि में 12.3 फीसदी का विकास देखा गया था। योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने ताजा दर को अस्थायी बताया और कहा कि मौजूदा वित्त वर्ष में औद्योगिक उत्पादन दर दोहरे अंक में बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने अर्थव्यवस्था की स्थिति में सुधार के लिए कई कदम उठाए गए हैं और उसके कारण कई वस्तुओं की कीमत भी घटने लगी है। फरवरी में कई वस्तुओं की कीमतों में महत्वपूर्ण गिरावट आएगी। खाद्य महंगाई की दर 25 दिसंबर को समाप्त सप्ताह में 18.32 फीसदी स्तर पर जा पहुंची है। औद्योगिक उत्पादन दर में गिरावट पर उद्योग जगत ने चिंता जताई है। भारतीय उद्योग परिसंघ के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने एक बयान जारी कर कहा कि इसे देखते हुए आरबीआई को कड़ा फैसला करते वक्त सावधानी बरतनी चाहिए।

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