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मकानों के लिये कर्ज पर 'ब्याज सब्सिडी योजना' से घर के सपने को लग सकते हैं पंख

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत इस महत्वपूर्ण पहल के तहत निजी बिल्डरों को भी काम करने की छूट से यह काम और आसान हो गया है.

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मकानों के लिये कर्ज पर 'ब्याज सब्सिडी योजना' से घर के सपने को लग सकते हैं पंख

मकानों के लिये कर्ज पर 'ब्याज सब्सिडी योजना' से घर के सपने को लग सकते हैं पंख- FIle Photo

खास बातें

  1. सस्ते मकान मुहैया कराने को शुरू की गई थी कर्ज सीएलएसएस
  2. निजी बिल्डरों को भी काम करने की छूट से यह काम और आसान हो गया है
  3. 2022 तक हर नागरिक के सिर पर छत दिलाने के लिए चलाई गई यह योजना
लखनऊ: केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा सस्ते मकान उपलब्ध कराने के लिये शुरू की गई कर्ज से जुड़ी ब्याज सब्सिडी योजना (सीएलएसएस) से आम गरीबों के साथ-साथ मध्यम आय वर्ग के लोगों के भी घर के सपने को पंख लग सकते हैं. प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत इस महत्वपूर्ण पहल के तहत निजी बिल्डरों को भी काम करने की छूट से यह काम और आसान हो गया है.

राज्य नगरीय विकास अभिकरण (सूडा) के परियोजना प्रबन्धक विनोद कनौजिया ने बताया कि केन्द्र सरकार ने वर्ष 2022 तक हर नागरिक के सिर पर छत दिलाने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य के तहत सीएलएसएस योजना शुरू की है. इसके तहत ना सिर्फ आर्थिक रूप से कमजोर तबके (ईडब्ल्यूएस) और निम्न आय वर्ग (एलआईजी) बल्कि मध्यम आय वर्ग (एमआईजी) के लोगों को भी घर के लिये कर्ज पर ब्याज पर अनुदान मिलता है.

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यह पूछे जाने पर कि लखनउ में कई निजी बिल्डर भी प्रधानमंत्री आवास योजना की सीएलएसएस स्कीम के तहत काम कर रहे हैं. क्या ऐसा करना जायज है, उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत कोई भी निजी बिल्डर कर्जदाता बैंक की मदद से मकानों का निर्माण कर सकते हैं और इसके लिये सूडा से मंजूरी लेने की भी जरूरत नहीं है. राजधानी लखनऊ में कई निजी बिल्डर
इसके तहत काम कर रहे हैं। इसमें कुछ भी गलत नहीं है.

आवास एवं शहरी गरीबी उपशमन मंत्रालय के निदेशक आर. के. गौतम ने बताया कि सीएलएसएस प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के चार अंगों में से एक है, यह योजना बैंकों तथा अन्य अधिकृत वित्तीय संस्थाओं के माध्यम से लागू की जा रही है,


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