खाद्य मुद्रास्फीति बढ़कर 18.32 प्रतिशत

खास बातें

  • खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति में तेजी की मुख्य वजह थोक बाजार में सब्जियों की कीमतों में 58.58 प्रतिशत की बढ़ोतरी है।
नई दिल्ली:

प्याज और अन्य सब्जियों की कीमतें तेजी से बढ़ने से 25 दिसंबर को समाप्त हुए सप्ताह में खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति बढ़कर 18.32 प्रतिशत पर पहुंच गई। मुद्रास्फीति और बढ़ने से रोकने के लिए रिजर्व बैंक द्वारा मौद्रिक नीति सख्त करने की संभावना बढ़ती जा रही है। इससे पूर्व सप्ताह में खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति 14.44 प्रतिशत पर थी। खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति में तेजी की मुख्य वजह थोक बाजार में सब्जियों की कीमतों में 58.58 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। समीक्षाधीन सप्ताह में प्याज की कीमत साल दर साल के आधार पर 82.47 प्रतिशत बढ़ी, जबकि अंडा, मीट और मछली 20.83 प्रतिशत, फल 19.99 प्रतिशत और दूध 19.59 प्रतिशत महंगा रहा। आंकड़ों के मुताबिक, 25 दिसंबर को समाप्त हुए एक सप्ताह के दौरान थोक बाजार में प्याज की कीमत 23.01 प्रतिशत बढ़ी। खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति में तेजी को देखते हुए रिजर्व बैंक 25 जनवरी की मौद्रिक समीक्षा में अल्पकालिक ब्याज दरें बढ़ा सकता है। रिजर्व बैंक 2010 में मुद्रास्फीति पर अंकुश लगाने के लिए प्रमुख नीतिगत दरों में छह बार बढ़ोतरी कर चुका है। इस बीच, गैर-खाद्य वर्ग में फाइबर की कीमतों में वाषिर्क आधार पर 35.53 प्रतिशत और खनिजों की कीमतों में 30.58 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। खाद्य वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी का असर दिसंबर के लिए मासिक मुद्रास्फीति आंकड़ों में भी देखने को मिलेगा जो 14 जनवरी को जारी होगा। नवंबर में कुल मुद्रास्फीति घटकर 7.75 प्रतिशत पर आ गई थी जो अक्तूबर में 8.58 प्रतिशत पर थी।

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