अरुण जेटली का वादा, नया आयकर रिटर्न फॉर्म होगा बहुत सरल

अरुण जेटली का वादा, नया आयकर रिटर्न फॉर्म होगा बहुत सरल

नई दिल्ली:

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शनिवार को कहा कि विवादास्पद नया आयकर रिटर्न फॉर्म (आईटीआर) और 'अधिक सरल रूप' में आएगा, लेकिन उन्होंने इस फॉर्म में सभी बैंक खातों और विदेशी यात्राओं का विवरण देने की आवश्यकता को बरकरार रखने अथवा हटाने के बारे में संदेह बनाए रखा।

गौरतलब है कि रिटर्न भरने के लिए पहले जो नया फॉर्म अधिसूचित किया गया था उसे रोक दिया गया है। जेटली ने बातचीत में आईटीआर से संबंधित सवाल पर कहा, सार्वजनिक तौर पर विचार विमर्श के बाद उन्होंने आयकर विभाग को सरल से सरल फॉर्म पेश करने को कहा है।

उन्होंने कहा, 'वे (सीबीडीटी) प्रस्ताव लेकर आने वाले हैं। अब जबकि मैं संसद की व्यस्तता से मुक्त हुआ हूं, वे इसे मेरे सामने रखेंगे।' वित्त मंत्री से सवाल किया गया था कि क्या नए आईटीआर फॉर्म में पृष्ठों की संख्या साढ़े तेरह से कम होगी।

वित्त मंत्री से जब यह पूछा गया कि लोगों की आपत्तियों को देखते हुए क्या संशोधित फॉर्म में विदेश यात्राओं और बैंक खातों के बारे में पूछताछ नहीं की जाएगी, तो उन्होंने कहा, 'आप प्रतीक्षा करें, पर मैं आपसे यही कह सकता हूं कि नया फॉर्म पहले की अपेक्षा बहुत सरल होगा।' गौरतलब है कि ने आईटीआर फॉर्म को जारी किए जाने के बाद आलोचकों ने इसमें विदेश यात्रा और सभी बैंक खातों की जानकारी संबंधी प्रावधानों को ज्यादा दखल देने वाला बताया।

जेटली ने फॉर्म के विवादास्पद सवालों के बारे में पूछे जाने पर कहा...'जहां तक 10 में से आठ या नौ करदाताओं का सवाल है, तो उनके लिए फॉर्म बहुत सरल होना चाहिए। उसमें भरे जाने वाले बहुत से विवरण ऐसे हैं, जो उनके लिए बिल्कुल फालतू हो सकते हैं।'

पहले जारी आयकर रिटर्न फॉर्म का उद्योग जगत के लोगों, सांसदों और आयकरदाताओं ने विरोध किया था। उनका कहना था कि इसमें प्रस्तुत किए जाने वाले विवरण के नियम बहुत ही जटिल हैं। उसके बाद सरकार नया सरल आईटीआर फॉर्म ला रही है। जेटली ने कहा, 'मैं इसे आसान बनाने के पक्ष में हूं। पहले यह बारह या साढ़े बारह पृष्ठ का था। इसमें तीन या चार सवाल और जोड़ दिए गए और इस तरह यह साढ़े तेरह पेज का हो गया।'

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उन्होंने कहा, 'मैं वाशिंगटन में था। वहां मुझे इसकी जानकारी मिली। मैंने तुरंत बात की और उसे रोकने के निर्देश दिए। मेरे लिए बारह-साढ़े बारह या तेरह-साढ़े तेरह पन्ने वाले, दोनों ही फॉर्म कुछ ज्यादा लगते हैं।' वेतनभोगी लोगों और ऐसे व्यक्तियों को आईटीआर-1 या आईटीआर-2 फॉर्म के तहत अपनी आय का विवरण 31 जुलाई तक प्रस्तुत करना होता है, जिनके पास कोई अन्य व्यावसायिक या पेशेवर आय नहीं होती।

नये फॉर्म को लेकर विवाद के बाद राजस्व विभाग ने उस पर रोक लगा दी है। सीबीडीटी ने नए फॉर्म को पिछले माह अधिसूचित कर दिया था, जिसे इस वित्त वर्ष से इस्तेमाल किया जाना था। उसमें बैंकों के खातों, आईएफएससी कोड, संयुक्त खाताधारकों के नाम और विदेश यात्राओं के बारे में जानकारी देने के लिए अलग-अलग खाने बनाए गए थे, जिनमें कंपनियों के खर्च पर की जाने वाली यात्रा का विवरण देने के लिए भी स्थान दिया गया था।