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बीएसएनएल की केवल एक तिहाई मौके की जमीन ही है 65000 करोड़ रुपये की

बीएसएनएल सरकार के सार्वजनिक उपक्रम सर्वेक्षण 2015-16 में 3,880 करोड़ रुपये के शुद्ध नुकसान के साथ सबसे अधिक घाटे में चलने वाली कंपनियों में से एक बनकर उभरी.

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बीएसएनएल की केवल एक तिहाई मौके की जमीन ही है 65000 करोड़ रुपये की
नई दिल्‍ली:

बीएसएनएल की केवल एक तिहाई मौके की जमीन ही अनुमानित 65,000 करोड़ रुपये की है. यह मूल्यांकन कंपनी की सभी जगह जमीन के बही खाता में दर्ज मूल्य से कहीं बहुत ऊंचा है जो कुछ दशक पहले 950 करोड़ रुपये अंकित था. भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक अनुपम श्रीवास्तव ने कहा कि बीएसएनएल के पास जो 15000 भूखंड और भवन हैं उसका बही खाते के हिसाब से मूल्य 975 करोड़ रुपये था. यह मूल्य कुछ दशक पहले निकाला गया था और वास्तविक तस्वीर जानने के लिए कंपनी ने उचित मूल्य प्रक्रिया से उसका पुनर्मूल्यांकन कराया. बीएसएनएल सरकार के सार्वजनिक उपक्रम सर्वेक्षण 2015-16 में 3,880 करोड़ रुपये के शुद्ध नुकसान के साथ सबसे अधिक घाटे में चलने वाली कंपनियों में से एक बनकर उभरी. कंपनी ने इस साल अप्रैल में ‘वसुंधरा’ परियोजना के तहत मूल्यांकन किया. कंपनी ने पुनरुत्थान की अपनी आक्रामक योजना के साथ ही जमीन का वर्तमान बाजार मूल्य पर मूल्यांकन किया. ये भूखंड बड़े शहरों में हैं.

श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘हमने अपने एक तिहाई जमीन पार्सल ‘फ्रीहोल्ड जमीन’ का निष्पक्ष मूल्यांकन करने का फैसला किया. हमारे सभी भूखंडों का अबतक बही खाते के हिसाब से मूल्य 975 करोड़ रुपये था. इस मूल्यांकन के बाद हमारे बस एक तिहाई भूखंडों का ही मूल्य दाम 65,000 करोड़ रुपये हो जाने का अनुमान है.’’


श्रीवास्तव के अनुसार यह मूल्यांकन भारतीय लेखा मानक के अंतर्गत विशेष सुविधा के अंतर्गत किया गया. उन्होंने कहा, ‘‘हमें हमारे परामर्शदाता केपीएमजी ने बताया कि सभी कंपनियों के लिए इस साल एक मौका प्रदान किया गया, अतएव हम उन कंपनियों में हैं जिन्होंने भूखंडों का मूल्यांकन कराया है.’’ इसके तहत दिल्ली, मुम्बई, पुणे, अहमदाबाद, जयपुर, लखनऊ, चेन्नई और कोलकाता आदि शहरों बीएसएनएल के भूखंडों का बाजार मूल्य पर मूल्यांकन कराया गया.

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श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘जिस भूखंड पर बीएसएनएल का कोरपोरेट कार्यालय है, केवल वही करीब 2500 करोड़ रुपये का है.’’ जब उनसे पूछा गया कि क्यों केवल एक तिहाई भूखंडों का मूल्यांकन कराया गया तब उन्होंने कहा कि इसके तहत केवल आकर्षक भूखंड शामिल किये गये थे.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


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