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यूएस फेड के ब्याज दरों पर फैसले के बाद निफ्टी में जबरदस्त तेजी, सेंसेक्स 150 अंक उछला

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यूएस फेड के ब्याज दरों पर फैसले के बाद निफ्टी में जबरदस्त तेजी, सेंसेक्स 150 अंक उछला

यूएस फेड के ब्याज दरों पर फैसले के बाद निफ्टी- सेंसेक्स में जबरदस्त तेजी (प्रतीकात्मक फोटो)

मुंबई/नई दिल्ली: यूएस फेड के ब्याज दरों पर फैसले के बाद घरेलू शेयर बाजारों में जबरदस्त तेजी देखी जा रही है. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का इंडेक्स निफ्टी जहां जबरदस्त तेजी के साथ खुला वहीं बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स 150 अंक उछाल पर देखा गया. सुबह 9 बजकर 30 मिनट पर सेंसेक्स 172  अंकों की तेजी के साथ 29570 के स्तर पर देखा गया, निफ्टी 55  अंक तेजी के साथ 9140 के स्तर पर देखा गया.

यूएस फेड ने ब्याज दरों में 0.25 फीसदी बढ़ोतरी का फैसला लिया है और आगे भी दरें बढ़ाने की बात कही है. फेड चेयरपर्सन जेनेट येलेन ने इस साल 3 बार ब्याज दरों में बढ़ोतरी के संकेत भी दिए. बुधवार को हुई महत्वपूर्ण बैठक के बाद उम्मीद और अटकलों के मुताबिकअमेरिकी फेडरल रिजर्व ने बेंचमार्क इंट्रेस्ट रेट में इजाफा किया है.


आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने कहा...
आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने कहा कि अमेरिका में नीतिगत ब्याज दर की 0.25 प्रतिशत की वृद्धि के परिणामों का सामना करने के लिए भारतीय अर्थव्यवस्था अच्छी तरह तैयार है. दास ने कहा कि फेडरल रिजर्व का यह कहना है कि आगे ब्याज दरों में वृद्धि धीरे-धीरे की जाएगी, यह उभरते बाजारों की दृष्टि से अच्छा है.

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बुधवार को अमेरिकी फेड की बैठक के नतीजे से पहले शेयर बाजारों में गिरावट देखी गई थी और निफ्टी अपने ऐतिहासिक उच्चतम स्तर से नीचे आ गया था. पचास शेयरों वाला नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी भी 2.20 अंक या 0.02 प्रतिशत की गिरावट के साथ 9,084.80 अंक पर बंद हुआ था जबकि मंगलवार को यह रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया था.  बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स भी 44.52 अंक की गिरावट के साथ 29,398.11 अंक पर बंद हुआ था.

रुपये की चाल मजबूत
गुरुवार को रुपये में भी मजबूती देखी जा रही है. डॉलर के मुकाबले रुपया 65.40 पर खुला है जबकि बुधवार को यह 65.69  पर बंद हुआ था. यह पिछले 16 महीने का उच्चतम स्तर है. न्यूज एजेंसी भाषा के मुताबिक, मुद्रा कारोबारियों के अनुसार इसके पीछे अहम कारण विदेशी कोष का सतत प्रवाह और निर्यातकों और बैंकों द्वारा डॉलर की बिकवाली करना है. इसके अलावा घरेलू शेयर बाजारों के उच्च स्तर पर खुलने एवं अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरें बढ़ने के बाद अन्य विदेशी मुद्राओं के मुकाबले डॉलर के कमजोर रहने से भी रुपये को समर्थन मिला है.


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