प्याज की कीमतों में गिरावट का लाभ आम आदमी को नहीं

खास बातें

  • सब्जी व्यापारियों ने थोक बाजार से प्याज 5 से 20 रुपये किलो के भाव खरीदा। 21 दिसंबर को प्याज का भाव 65 रुपये किलो तक चला गया था।
New Delhi:

थोक बाजार में प्याज की कीमतों में आई जोरदार गिरावट का फायदा आम आदमी को नहीं मिल पा रहा है। खुदरा बाजार में प्याज के दाम अभी भी 40 रुपये प्रति किलो के स्तर पर चल रहे हैं। दिल्ली में पिछले माह के बाद से प्याज के थोक दाम में 69 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है, जबकि देश के सबसे बड़े प्याज बाजार लासलगांव में इसकी कीमतों में तो 80 फीसद तक की कमी आ गई है। सब्जी व्यापारियों ने मंगलवार को थोक बाजार से प्याज 5 से 20 रुपये किलो के भाव खरीदा। 21 दिसंबर को प्याज का भाव 65 रुपये किलो तक चला गया था। वहीं दूसरी ओर कल खुदरा दुकानों में प्याज 40 रुपये किलो बेचा गया, जबकि 21 दिसंबर को प्याज का खुदरा दाम 85 रुपये किलो पर था। इस तरह खुदरा बाजार में प्याज के दाम 52 फीसद कम हुए हैं। थोक बाजार में प्याज की कीमतों में आई गिरावट से हालांकि यह उम्मीद बंधी है कि जल्द ही यह संकट खत्म हो जाएगा। नए खाद्य मंत्री केवी थामस ने हाल में कहा था कि जनवरी अंत तक प्याज की कीमतें काबू में आ जाएंगी। प्याज व्यापारी संघ के महासचिव राजेंद्र शर्मा ने कहा कि जनवरी अंत तक प्याज का थोक भाव 15 रुपये किलो और फरवरी में 10 रुपये किलो पर आ जाएगा। व्यापारियों का कहना है कि प्याज की थोक कीमतों में गिरावट का फायदा आम उपभोक्ता तक पहुंचने में कुछ समय लगेगा। राष्ट्रीय बागवानी अनुसंधान विकास संगठन :एनएचआरडीएफ: के आंकड़ों के अनुसार लासलगांव में प्याज का थोक दाम कल 13 रुपये किलो था। 21 दिसंबर को वहां प्याज का थोक दाम 67 रुपये किलो था। इस तरह लासलगांव में प्याज की थोक कीमतों में 80 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है। एनएचआरडीएफ के अनुसार, पिम्पलगांव में इस अवधि में प्याज का दाम 78 प्रतिशत घटकर 65 से 14 रुपये किलो पर आ चुका है।

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