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ओला, ऊबर जैसी कंपनियों के बल्ले-बल्ले, सर्वे में ये बात आई सामने

इसे यह बात साफ हो जाती है कि ओला, ऊबर जैसी कैब सेवाएं उपलब्ध कराने वाली कंपनियों की कमाई आने वाले दिनों में भी बढ़िया ही रहने वाली हैं.

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ओला, ऊबर जैसी कंपनियों के बल्ले-बल्ले, सर्वे में ये बात आई सामने

प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली:

कार खरीदने के इच्छुक बहुत से लोग फैसला टाल रहे हैं क्योंकि वे यात्रा के लिए रेडियो कैब और मोबाइल ऐप से जुड़ी टैक्सी सेवाओं को अधिक सुविधाजनक और सस्ते विकल्प के रूप में देखते हैं. हालिया अध्ययन में यह बात सामने आई है. कैंटर मिलवर्ड ब्राउन के एक अध्ययन में यह बात सामने आयी है. इसे यह बात साफ हो जाती है कि ओला, ऊबर जैसी कैब सेवाएं उपलब्ध कराने वाली कंपनियों की कमाई आने वाले दिनों में भी बढ़िया ही रहने वाली हैं.

अध्ययन में 1,000 उपयोगकर्ताओं को शामिल किया गया है. इनमें से लगभग 72 प्रतिशत संभावित खरीदार कार खरीदने के अपने निर्णय में देरी कर रहे हैं जबकि 88 प्रतिशत लोगों का मानना है कि कैब एग्रीगेटर का उपयोग कार खरीदने से ज्यादा सस्ता है, वहीं 86 प्रतिशत प्रतिभागियों को लगता है कि कैब की सवारी ज्यादा सुविधाजनक है. 

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अध्ययन में दिल्ली, मुंबई, बेंगलूरू जैसे प्रमुख बाजारों और द्वितीय श्रेणी के शहरों जैसे - नागपुर, जयपुर और कोयम्बटूर को शामिल किया गया है. सभी प्रतिभागियों के पास कार है या तो फिर उनकी अगले छह महीने में कार खरीदने की योजना है. 


कैंटर मिलवर्ड ब्राउन के कार्यकारी उपाध्यक्ष आनंद परमेश्वरन ने कहा, "कैब एग्रीगेटर सेवाएं मोटर वाहन श्रेणी को आम बना दिया है, जिससे हर कोई इसका उपयोग कर सकता है. (भाषा की खबर)


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