थोक, खुदरा भाव के अंतर से बढ़ी महंगाई : प्रणब

खास बातें

  • प्रणब ने थोक और खुदरा भाव में बढ़ रहे फासले को बढ़ती महंगाई का कारण बताते हुए राज्य सरकारों को आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन पर ध्यान देने को कहा।
नई दिल्ली:

केंद्रीय वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने गुरुवार को थोक और खुदरा भाव में बढ़ रहे फासले को बढ़ती महंगाई का कारण बताते हुए राज्य सरकारों को आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन पर ध्यान देने और बाधाओं को दूर करने के लिए कहा। महीने भर में दोगुना से अधिक बढ़ चुकी खाद्य महंगाई पर प्रतिक्रिया जताते हुए मुखर्जी ने कहा कि राज्य सरकारों को आपूर्ति श्रंखला से सभी बाधाओं को दूर करना चाहिए, ताकि खाद्य वस्तुओं के भाव को जल्दी कम किया जा सके। उन्होंने राज्य सरकारों से महंगी हो रही वस्तुओं की आपूर्ति श्रंखला पर अविलम्ब ध्यान देने के लिए कहा। गुरुवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक प्याज, फल, सब्जी, दूध, पॉल्ट्री, मांस और मछली की कीमत में हुई वृद्धि के कारण 25 दिसंबर को समाप्त सप्ताह में खाद्य महंगाई की दर बढ़कर 18.32 फीसदी हो गई। खाद्य महंगाई दर में लगातार पांचवें सप्ताह वृद्धि दर्ज की गई है। इससे पिछले सप्ताह में यह दर 14.44 फीसदी थी। जबकि 20 नवम्बर को समाप्त सप्ताह में यह दर 8.6 फीसदी स्तर पर थी। मुखर्जी ने एक बयान जारी कर कहा कि नई खाद्य महंगाई दर में तीन चौथाई भूमिका सब्जी में छाई महंगाई ने निभाई, जबकि एक चौथाई भूमिका दूध की कीमत में हुई वृद्धि ने निभाई है। बयान में कहा गया कि महंगाई का बड़ा कारण थोक और खुदरा कीमतों में बढ़ रहा फासला और लोगों की आमदनी बढ़ने के कारण इन वस्तुओं की बढ़ रही मांग है। इससे पहले संवाददाताओं से मुखर्जी ने कहा था कि खाद्य महंगाई का यह आंकड़ा अस्थायी है और वास्तविक तस्वीर मासिक महंगाई दर आने के बाद आएगी।

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