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रिटायरमेंट से पूर्व पीएफ से इन इन परिस्थितियों में निकाल सकते हैं पैसा, वह भी बिना झंझट : 10 बातें

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रिटायरमेंट से पूर्व पीएफ से इन इन परिस्थितियों में निकाल सकते हैं पैसा, वह भी बिना झंझट : 10 बातें

रिटायरमेंट से पूर्व पीएफ से इन इन परिस्थितियों में निकाल सकते हैं पैसा, वह भी बिना झंझट : 10 बातें (प्रतीकात्मक फोटो)

नई दिल्ली: ईपीएफओ (EPFO) यानी कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के चार करोड़ से अधिक सदस्यों के लिए राहत की खबर है. आप अपने ईपीएफ खाते से बीमारी के इलाज और विकलांगता होने पर किसी प्रकार के उपकरण की खरीद के लिए पैसा निकाल पाएंगे. इस खबर में सबसे अधिक राहत देने वाली बात यह है कि इसके लिए आपको संबंधित  संस्थान में कोई मेडिकल सार्टिफिकेट तक जमा करवाने की जरूरत नहीं है. 

आइए इस नए नोटिफिकेशन/ प्रावधान से जुड़ी 10 खास बात जानें....
  1. पीएफ से पैसा आप घर खरीदने, शिक्षा दीक्षा के लिए और  बच्चों की शादी के लिए भी निकाल सकते हैं. इस बाबत आपको विभिन्न प्रकार के दस्तावेज जमा करवाने की जरूरत नहीं होगी. अब केवल सेल्फ डिक्लेयरेशन फॉर्म (स्वघोषणा प्रपत्र) देने से काम चल जाएगा.
  2. लेबर मिनिस्ट्री के नए नोटिफिकेशन के मुताबकि, छह महीने के मूल वेतन और महंगाई भत्ता या उसकी हिस्सेदारी और ब्याज या उपकरण की लागत, जो भी कम हो, उतनी राशि मिलती है.
  3. सबसे अच्छी बात यह है कि अंशधारक बीमारी के इलाज और शारीरिक रूप से विकलांग होने की स्थिति में उपकरण खरीदने को लेकर भविष्य निधि से धन निकाल भी सकेगा और इसके रिफंड करने की जरूरत भी नहीं होगी. अभी तक के नियम के मुताबिक अंशधारक ईपीएफ योजना के उपबंध 68जे का उपयोग कर अपने और डिपेंडेंट की बीमारी के इलाज के लिये धन निकाल सकते हैं.
  4. पहले इसके लिए नियोक्ता या कर्मचारी से प्रमाणपत्र की जरूरत होती थी कि सदस्य या उस पर आश्रित व्यक्ति कर्मचारी राज्य बीमा योजना और उसके लाभ के दायरे में नहीं आता. साथ ही सदस्यों को डॉक्टर से प्रमाणपत्र लेकर भी देना होता था.
  5. वहीं, शारीरिक रूप से विकलांग सदस्य को (उपबंध 68-एन के तहत) जरूरी उपकरण खरीदने के लिए रकम निकासी की सुविधा मिलती तो थी लेकिन इसके लिए चिकित्सा प्रमाणपत्र या ईपीएफओ द्वारा अधिकृत अधिकारी से प्रमाणपत्र लेने की आवश्यकता थी. अब यह जरूरत भी खत्म हुई.
  6. विभिन्न प्रकार के प्रमाणपत्र जमा करवाने की जरूरत को समाप्त करने और परफॉर्मा में बदलाव के लिए कर्मचारी भविष्य निधि योजना 1952 में संशोधन किया गया है. अब अंशधारक एकीकृत फॉर्म का उपयोग कर, स्व-घोषणा के जरिये विभिन्न आधार पर ईपीएफ खाते से कोष निकाल सकते हैं.
  7. कुछ खास बीमारियों और अस्पताल में भर्ती होने पर अडवांस रकम भी निकाल सकेंगे यदि बीमारी/हॉस्पिटलाइजेशन 1 माह या अधिक चल जाए. या फिर बड़े ऑपरेशन के मामले में. टीबी, कुष्ठ रोग, लकवा, कैंसर, मानसिक असंतुलन या फिर दिल के रोग होने पर भी निकासी करवा सकेंगे. 
  8. वैसे बताते चलें कि हाल के दिनों में ईपीएफओ ने कई नियमों में बदलाव किया है और अंशधारकों को सुविधाएं दी हैं. ग्रुप हाउसिंग स्कीम के तहत जारी इस नोटिफिकेशन के मुताबिक, ईपीएफ खाते से मकान खरीदने के लिये अग्रिम भुगतान (डाउन पेमेंट) और ईएमआई (EMI) का भुगतान कर सकते हैं. इसके लिए 90 प्रतिशत निकाल सकते हैं. लेकिन, यहां ध्यान दें कि पीएफ खाते से निकासी सुविधा उन्हीं सदस्यों के लिये उपलब्ध होगी जो निर्धारित शर्तों को पूरा करते हों. 
  9. पीएफ के वे अंशधारक जो 20 साल या इससे अधिक समय तक कंट्रीब्यूट करते रहेंगे, उन्हें रिटायरमेंट के वक्त 50000 रुपये अतिरिक्त रकम (जिसे बोनस भी कह सकते हैं) मिलेगा. एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा इस बाबत जानकारी दिए जाने के बाद कहा गया है कि सिफारिशों को सरकार की अनुमति के बाद लागू कर दिया जाएगा.
  10. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने अपने लगभग चार करोड़ अंशधारकों के लिये आधार संख्या जमा करने की तारीख बढ़ाकर 30 अप्रैल 2017 कर दी है. इससे पहले ईपीएफओ ने आधार संख्या जमा करने की समयसीमा 31 मार्च 2017 तय की थी.
(एजेंसी से भी इनपुट)


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