'बड़ी परियोजनाएं निशाने पर नहीं, नियमों से चलें'

खास बातें

  • रमेश ने कहा कि उनका मंत्रालय तेज विकास में खलल पैदा नहीं कर रहा है लेकिन साफ किया कि नियमों का पालन करते हुए ही सारे फैसले किए जाएंगे।
नई दिल्ली:

उद्योग जगत की तरक्की की राह में पर्यावरण नियमों के अवरोध पैदा करने संबंधी उद्योगपतियों की चिंताओं को दूर करने की कोशिश के तहत पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने कहा कि उनका मंत्रालय तेज औद्योगिकी विकास में खलल पैदा नहीं कर रहा है लेकिन साफ कर दिया कि नियमों का पालन करते हुए ही सारे फैसले किए जाएंगे। रमेश ने यह भी कहा कि यह धारणा गलत है कि वह बड़ी कंपनियों और बड़ी परियोजनाओं के मामले ही हस्तक्षेप कर रहे हैं और उन्हें निशाने पर ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनका मंत्रालय उन्हीं मामलों में हस्तक्षेप करता है, जिनके बारे में जनता की ओर से सवाल उठाए जाते हैं। रमेश ने उद्योग जगत की आशंकाओं को दूर करने की कोशिश के तहत भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। वह 24 जनवरी को फिक्की के सदस्यों से भी चर्चा करने वाले हैं। पर्यावरण मंत्री ने सीआईआई के साथ बैठक के बाद संवाददाताओं को बताया, मैं यह साफ कर देना चाहता हूं कि पर्यावरण मंत्रालय तेज औद्योगिक विकास की राह में खलल पैदा नहीं कर रहा है। लेकिन मंत्रालय सभी निर्णय नियमों के मुताबिक और उचित तरीके से करेगा। कंपनियों को वन संरक्षण कानून, पर्यावरण संरक्षण कानून, वनाधिकार कानून, वन्यजीव संरक्षण कानून और तटीय नियमन क्षेत्र अधिसूचना 2011 के अनुसार ही चलना होगा। उन्होंने कहा, मैं उद्योग जगत की चिंताओं को दूर करने की कोशिश कर रहा हूं लेकिन इसके ये मायने कतई नहीं हैं कि कानूनों में कोई नरमी लाई जाएगी या उन्हें खत्म कर दिया जाएगा।

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