NDTV Khabar

महंगाई कम होने पर ही ब्याज दरों में कटौती संभव: रघुराम राजन

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
महंगाई कम होने पर ही ब्याज दरों में कटौती संभव: रघुराम राजन

आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. खुदरा मुद्रास्फीति जुलाई में बढ़कर 6.07 प्रतिशत थी
  2. मुद्रास्फीति को मार्च 2017 तक पांच प्रतिशत पर लाने का लक्ष्य
  3. राजन ने जारी के 2015-16 की वाषिर्क रिपोर्ट की प्रस्तावना
मुंबई:

रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन ने कहा कि मुद्रास्फीति के आंकड़े लक्ष्य के ऊपरी दायरे में बनी हुई है और नीतिगत ब्याज दरों में आगे कटौती केवल तभी की जा सकती है जब कि महंगाई दर और कम हो. खुदरा मुद्रास्फीति जुलाई में बढ़कर 6.07 प्रतिशत हो गई थी. यह पिछले करीब दो साल में इसका उच्चस्तर है.

इसी तरह थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति पिछले 23 माह के उच्चस्तर 3.55 प्रतिशत पर पहुंच गई. राजन ने यहां जारी रिजर्व बैंक की 2015-16 की वाषिर्क रिपोर्ट की प्रस्तावना में कहा है, "मुद्रास्फीति अभी भी रिजर्व बैंक के मुद्रास्फीति के लक्ष्य के ऊपरी दायरे में बनी हुई है.

टिप्पणियां

जमाकर्ताओं की धनात्मक वास्तविक ब्याज दर (जमाओं पर मुद्रास्फीति से ऊपर की दर) प्राप्त करने की इच्छा और कॉर्पोरेट निवेशकों तथा खुदरा कर्ज लेने वालों की ऋण पर निम्न घोषित ब्याज दर की जरूरत के बीच संतुलन बनाने की रिजर्व बैंक की आवश्यकता को देखते हुए नीतिगत दरों में कटौती की गुंजाइश केवल तभी बन हो सकती है जब मुद्रास्फीति में आगे और गिरावट आए."


उन्होंनेकहा कि मुद्रास्फीति को सरकार द्वारा निर्धारित चार प्रतिशत के स्तर पर लाना रिजर्व बैंक की अल्पकालिक वृहदआर्थिक प्राथमिकताओं में है. राजन ने कहा कि अब रिजर्व बैंक इस मामले में मुद्रास्फीति को धीरे-धीरे नीचे लाने के रास्ते पर चलता आ रहा है. इसके तहत इसे जनवरी 2016 में छह प्रतिशत से नीचे लाने के बाद अब मार्च 2017 तक इसे पांच प्रतिशत पर लाने का लक्ष्य है. 



Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करें.


Advertisement