NDTV Khabar

नोटबंदी के फैसले पर आरबीआई को शर्म आनी चाहिए : पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम

इस पर पूर्व वित्तमंत्री चिदंबरम ने सवालिया लहजे में कहा कि क्या नरेंद्र मोदी सरकार ने नोटबंदी का यह फैसला काले धन को सफेद करने के लिए लिया था.

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
नोटबंदी के फैसले पर आरबीआई को शर्म आनी चाहिए : पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम

कांग्रेस नेता और पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम.

खास बातें

  1. नोटबंदी पर आरबीआई ने आज नए आंकड़े जारी किए
  2. कांग्रेस ने नोटबंदी पर फिर सवाल उठाए.
  3. सरकार ने फैसले का बचाव किया.
नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने नोटबंदी के फैसले को लेकर केंद्र सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) पर निशाना साधते हुए कहा कि सिर्फ एक फीसदी प्रतिबंधित नोट वापस नहीं आ सके और आरबीआई के लिए यह शर्म की बात है. आरबीआई ने बुधवार को खुलासा किया है कि 500 रुपये और 1,000 रुपये के पुराने 99 फीसदी नोट वैधानिक तौर पर आरबीआई के पास लौट आए हैं. इस पर पूर्व वित्तमंत्री चिदंबरम ने सवालिया लहजे में कहा कि क्या नरेंद्र मोदी सरकार ने नोटबंदी का यह फैसला काले धन को सफेद करने के लिए लिया था.

चिदंबरम ने कई ट्वीट किए, जिसमें उन्होंने कहा है कि आरबीआई के पास जितनी राशि वापस आई है, उससे कहीं अधिक लागत नए नोटों को छापने में लग गई. चिदंबरम ने ट्वीट किया, "प्रतिबंधित किए गए 1,544,000 करोड़ रुपयों में से सिर्फ 16,000 करोड़ रुपये के नोट वापस नहीं आए, जो कुल प्रतिबंधित राशि का एक फीसदी है. नोटबंदी की सिफारिश करने वाली आरबीआई के लिए यह शर्म की बात है."

टिप्पणियां
यह भी पढ़ें : रिजर्व बैंक दस्तावेज के अनुसार, नोटबंदी के दौरान 1.7 लाख करोड़ रुपये की असामान्य नकदी जमा

चिदंबरम ने व्यंग्य के अंदाज में कहा, "आरबीआई ने 16,000 करोड़ रुपये कमाए, लेकिन नए नोटों की छपाई में 21,000 करोड़ रुपये गंवाए! अर्थशास्त्रियों को नोबल पुरस्कार दिया जाना चाहिए." उन्होंने अगले ट्वीट में कहा, "99 फीसदी नोट वैधानिक तौर पर बदले जा चुके हैं! क्या नोटबंदी काले धन को सफेद करने के लिए बनाई गई योजना थी."
VIDEO: नोटबंदी के आंकड़ों पर एक रिपोर्ट

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा जारी सालाना रपट में कहा गया है कि पिछले वित्त वर्ष में 1,000 रुपये के कुल 8.9 करोड़ नोट, जिसका मूल्य 8,900 करोड़ रुपये हैं, वह प्रणाली में वापस नहीं लौटा, जबकि उस समय प्रचलन में 1,000 रुपये के कुल 670 करोड़ नोट थे. इस तरह आठ नवंबर, 2016 को नोटबंदी की घोषणा के दौरान देश में प्रचलन में रहे 1,000 रुपये के 1.3 फीसदी नोट ही वापस नहीं आए हैं. (IANS की रिपोर्ट)


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

विधानसभा चुनाव परिणाम (Election Results in Hindi) से जुड़ी ताज़ा ख़बरों (Latest News), लाइव टीवी (LIVE TV) और विस्‍तृत कवरेज के लिए लॉग ऑन करें ndtv.in. आप हमें फेसबुक और ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं.


Advertisement