बीएसई के रियल्टी सूचकांक ने अन्य सूचकांकों को पीछे छोड़ा

खास बातें

  • देश के शेयर बाजारों में गत सप्ताह मामूली गिरावट रही। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स गत सप्ताह 0.38 फीसदी या 71.77 अंकों की गिरावट के साथ शुक्रवार को 18,683.68 पर बंद हुआ।
मुम्बई:

देश के शेयर बाजारों में गत सप्ताह मामूली गिरावट रही। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स गत सप्ताह 0.38 फीसदी या 71.77 अंकों की गिरावट के साथ शुक्रवार को 18,683.68 पर बंद हुआ। जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी गत सप्ताह 0.2 फीसदी या 11.45 अंकों की गिरावट के साथ शुक्रवार को 5,686.25 पर बंद हुआ।

गत सप्ताह सेंसेक्स में तेजी में रहने वाले प्रमुख शेयरों में रहे सिप्ला (4.34 फीसदी), टाटा मोटर्स (3.93 फीसदी), एचडीएफसी (3.48 फीसदी), आईटीसी (1.71 फीसदी) और विप्रो लिमिटेड (1.55 फीसदी)। गत सप्ताह सेंसेक्स में गिरावट में रहने वाले शेयरों में प्रमुख रहे टाटा पावर (4.98 फीसदी), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (3.74 फीसदी), ओएनजीसी (3.24 फीसदी), एलएंडटी (3.22 फीसदी) और टाटा स्टील (2.75 फीसदी)।

बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में गत सप्ताह मामूली तेजी रही। मिडकैप सूचकांक गत सप्ताह 0.23 फीसदी या 15.23 अंकों की तेजी के साथ 6,660.68 पर बंद हुआ, जबकि स्मॉलकैप 0.07 फीसदी या 5.27 अंकों की तेजी के साथ 7,069.65 पर बंद हुआ।

गत सप्ताह बीएसई के पांच सेक्टरों रियल्टी (5.11 फीसदी), तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (1.79 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (0.49 फीसदी), वाहन (0.26 फीसदी) और बैंकिंग (0.18 फीसदी) में तेजी रही। गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे पूंजीगत वस्तु (2.21 फीसदी), तेल एवं गैस (2.17 फीसदी), धातु (1.75 फीसदी), बिजली (1.08 फीसदी) और सार्वजनिक कम्पनियां (0.88 फीसदी)।

गत सप्ताह के प्रमुख घटनाक्रमों में दुनिया की सबसे बड़ी शराब निर्माता कम्पनी डिएजियो ने देश की सबसे बड़ी शराब कम्पनी युनाइटेड स्पिरिट में 53.4 फीसदी बहुमत हिस्सेदारी खरीदने के लिए समझौता हो जाने की घोषणा की। युनाइटेड स्पिरिट के अध्यक्ष विजय माल्या की एक अन्य कम्पनी किंगफिशर एयरलाइंस नकदी की कमी से गुजर रही है। बाजार को अनुमान है कि युनाइटेड स्पिरिट में डिएजियो के निवेश का लाभ किंगफिशर को भी मिल सकता है। डिएजियो ने युनाइटेड स्पिरिट में हिस्सेदारी खरीदने का सौदा 2.1 अरब डॉलर मूल्य में पूरा किया।

भारतीय कारोबार जगत ने बुधवार को अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा के फिर से राष्ट्रपति निर्वाचित होने पर खुशी जाहिर की और कहा कि इससे भारत-अमेरिका आर्थिक तथा रणनीतिक सम्बंध मजबूत होगा।

फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) के अध्यक्ष आर.वी. कनोरिया ने कहा, "ओबामा का ऐतिहासिक दूसरा कार्यकाल नव स्थापित भारत-अमेरिका आर्थिक तथा रणनीतिक सम्बंध के लिए शुभ संकेत है।"

ओबामा ने मंगलवार को रिपब्लिकन उम्मीदवार मिट रोमनी को पराजित किया।

ओबामा के फिर से राष्ट्रपति चुने जाने से फिक्की ने कहा कि इससे भारत-अमेरिका आर्थिक रिश्ता आगे बढ़ेगा लेकिन भारत के लिए एक मात्र चिंता की बात ओबामा की आउटसोर्सिग चिंता है।

कनोरिया ने कहा, "मेरे खयाल से भारत-अमेरिका रणनीतिक और कारोबारी तथा आर्थिक रिश्ता उनके पुनर्निर्वाचन से निश्चित रूप से आगे जारी रहेगा।"

चुनाव अभियान में हालांकि ओबामा ने भारत जैसे देशों को नौकरियों की आउटसोर्सिग की आलोचना की थी और कहा था कि अमेरिका को स्थानीय स्तर पर नौकरी का सृजन करने की जरूरत है।

कनोरिया ने कहा, "चिंता की एक मात्र बात आउटसोर्सिंग पर उनकी सोच है। मेरा मानना है कि यह गलत धारणा है कि भारत को आउटसोर्सिंग से अमेरिका में नौकरी घटेगी। अनेक अध्ययनों से पता चल चुका है कि ऐसा नहीं होगा।"

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुरुवार को 4.4 मेगाहट्र्ज से अधिक 2जी स्पेक्ट्रम रखने वाली कम्पनियों के लिए एकमुश्त शुल्क को मंजूरी दे दी। यह शुल्क उतना ही होगा, जितना अगले सप्ताह होने वाली नीलामी में सामने आएगा।

बाजार के नए और पुराने खिलाड़ियों के लिए अवसर की समानता प्रस्तुत करने के लिए मंत्रियों के अधिकार प्राप्त समूह ने इस शुल्क की सिफारिश की थी।

मंत्रिमंडल की बैठक के बाद वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने कहा कि जीएसएम संचालकों को 4.4 मेगाहट्र्ज से अधिक स्पेक्ट्रम के लिए भुगतान करने के लिए कहा जाएगा और इसकी कीमत 12 नवम्बर से शुरू होने वाली नीलामी से निर्धारित होगी। सीडीएमए संचालक परमिट की बची हुई अवधि के लिए 2.5 मेगाहट्र्ज से अतिरिक्त स्पेक्ट्रम के लिए भुगतान करेंगे।

चिदम्बरम ने कहा कि दूरसंचार विभाग सीडीएमए संचालकों के लिए मूल्य निर्धारण का प्रारूप मंत्रिमंडल को प्रस्तुत करेगा, क्योंकि सीडीएमए की नीलामी में बोली लगाने के लिए कोई संचालक मौजूद नहीं है इसलिए नीलामी से मूल्य निर्धारित नहीं हो पाएगा।

टाटा टेलीसर्विसेज और विडियोकॉन के स्पेक्ट्रम नीलामी से बाहर हो जाने के बाद अब सीडीएमए की नीलामी में बोली लगाने वाला कोई नहीं बचा।

6.2 मेगाहट्र्ज से अधिक स्पेक्ट्रम रखने वाले संचालक जुलाई 2008 से लागू होने वाली कीमत का भुगतान करेंगे।

जिन संचालकों के पास अधिकतम 4.4 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम ही है, उनसे कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।

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मंत्रिमंडल ने संचालकों को स्पेक्ट्रम साझा करने की अनुमति देने की मंत्रिस्तरीय समिति की सिफारिश को भी मंजूरी दे दी।

मंत्रिमंडल ने दूरसंचार क्षेत्र में विलय और अधिग्रहण पर अतिरिक्त शुल्क लगाने के प्रावधन को भी समाप्त करने का फैसला किया।