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रियल एस्टेट कानून यानी रेरा (RERA) : मकान खरीददारों के संगठन का दावा- 'जुर्माना मौजूदा परियोजनाओं पर भी लागू होगा'- 5 बातें

नये रियल एस्टेट नियमों के तहत परियोजना में देरी पर जुर्माना नयी परियोजनाओं के साथ साथ मौजूदा परियोजनाओं पर भी लागू होगा. मकान खरीददारों के एक संगठन ‘फाइट फॉर रेरा’ ने यह दावा किया है.

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रियल एस्टेट कानून यानी रेरा (RERA) : मकान खरीददारों के संगठन का दावा- 'जुर्माना मौजूदा परियोजनाओं पर भी लागू होगा'- 5 बातें

रियल एस्टेट कानून यानी रेरा (RERA) : मकान खरीददारों के संगठन ने किया यह दावा (प्रतीकात्मक फोटो)

नई दिल्ली: नये रियल एस्टेट नियमों के तहत परियोजना में देरी पर जुर्माना नयी परियोजनाओं के साथ साथ मौजूदा परियोजनाओं पर भी लागू होगा. मकान खरीददारों के एक संगठन ‘फाइट फॉर रेरा’ ने यह दावा किया है. यह दावा उन कतिपय रपटों के बीच किया गया है कि रीयल इस्टेट (नियमन व विकास) कानून 2016 अपने कार्यान्वयन से पहले की परियोजनाओं को पूरा करने में देरी पर किसी तरह की दंडात्मक कार्रवाई नहीं करेगा.

आइए जानें इससे जुड़ी पांच खास बातें, जो हो सकता है आपको पहले से न पता हों...
  1. रेरा एक मई से प्रभावी हो गया. संगठन ने एक बयान में दावा किया है कि नये कानून के प्रावधान मौजूदा व नयी सभी परियोजनाओं पर लागू होंगे.
  2. मकान खरीददारों के हितों की रक्षा के लिए बनाया गया रियल एस्टेट कानून (Real Estate Act) को लेकर निर्देश हैं कि देश के हरेक राज्य और केंद्रशासित प्रदेश को अपनी रेगुलेटरी अथॉरिटी बनानी होगी जो कानून के मुताबिक नियम-कानून बनाएगी. साल 2016 में संसद में पास हुए रियल एस्टेट (नियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 की सभी 92 धाराएं 1 मई से प्रभावी हो गई हैं. 
  3. इस कानून के तहत जुलाई तक सभी प्रॉजेक्ट्स का रजिस्ट्रेशन जरूरी है. रेरा में कहा गया है कि सभी मौजूदा प्रॉजेक्ट्स का रजिस्ट्रेशन संबंधित राज्यों की रेगुलेटरी अथॉरिटीज़ में जुलाई 2017 तक हो जाना चाहिए.
  4. रजिस्टर्ड प्रॉजेक्ट की पूरी जानकारी प्राधिकरण को दी जानी जरूरी है. कानून के तहत अब यह आवश्यक हो गया है कि प्रॉजेक्ट पूरा होने की तारीख दी जाए. साथ ही अब मकान बनाने वाला बिल्डर, डेवलेपर एक प्रॉजेक्ट का पैसा दूसरे में नहीं लगा सकता.
  5. देश में 76 हजार रियल एस्टेट कंपनियां हैं. हर साल 10 लाख लोग मकान खरीदते हैं. एक अनुमान के मुताबिक, 2011-15 में हर साल 2,349 से 4,488 प्रॉजेक्ट लॉन्च हुए और 2011-15 में 13.70 लाख करोड़ का निवेश हुआ. वहीं, 2011-15 में 27 शहरों में 17,526 प्रॉजेक्ट लॉन्च किए गए.(न्यूज एजेंसी भाषा से भी इनपुट)



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