नोटबंदी के 15 महीने बाद भी पुराने नोटों के गुणा-भाग में लगा है RBI

केंद्रीय बैंक का कहना है कि वह तेजी से इस काम को कर रहा है. साथ ही वह लौटाए गए नोटों के 'असली-नकली' होने के साथ ही उनकी सही गिनती, गणतीय रूप से मिलान करने का काम कर रहा है.

नोटबंदी के 15 महीने बाद भी पुराने नोटों के गुणा-भाग में लगा है RBI

सरकार ने 8 नवंबर 2016 को 500 और 1,000 रुपये के पुराने नोटों को चलन से बाहर कर दिया था.

खास बातें

  • आरटीआई में भारतीय रिजर्व ने दी जानकारी
  • जांच और सत्यापन की 59 मशीनें काम में लगी हैं
  • 8 नवंबर 2016 को नोटबंदी का ऐलान किया गया था
नई दिल्ली:

नोटबंदी के 15 महीने बीतने के बाद भी भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) लोगों द्वारा लौटाए गए नोटों की गिनती, गुणा-भाग और उनके असली-नकली होने की पहचान में लगा है. केंद्रीय बैंक का कहना है कि वह तेजी से इस काम को कर रहा है. साथ ही वह लौटाए गए नोटों के 'असली-नकली' होने के साथ ही उनकी सही गिनती, गणतीय रूप से मिलान करने का काम कर रहा है.

यह भी पढ़ें : नोटबंदी के एक साल : अब तक नहीं हो पायी है नोटों की गिनती

सूचना के अधिकार के तहत 'पीटीआई-भाषा' द्वारा दाखिल अर्जी का जवाब देते हुए रिजर्व बैंक ने यह बात कही है. रिजर्व बैंक के जवाब के अनुसार, 'इन बैंक नोटों की अंकगणितीय सटीकता और वास्तिवकता की पहचान की जा रही है और इनका मिलान भी किया जा रहा है. इसलिए इस संबंध में मिलान एवं गणना की प्रक्रिया के पूरे होने पर ही जानकारी साझा की जा सकती है.' 

यह भी पढ़ें : नोटबंदी से कितना कालाधन खत्म हुआ? आरबीआई ने दिया यह जवाब

नोटबंदी के दौरान बंद हुए नोटों की संख्या जानने के लिए दाखिल की गई इस अर्जी के जवाब में रिजर्व बैंक ने कहा, 'रिजर्व बैंक को मिले पुराने नोटों का अनुमानित मूल्य 30 जून 2017 तक 15.28 लाख करोड़ रुपये रहा है. हालांकि, सत्यापन, गणना प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसमें भविष्य में संशोधन की संभावना बनी रहेगी.' 

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

VIDEO : बंद किए गए 500 और 1000 के 99% नोट वापस लौटे

इस काम के खत्म होने की समयसीमा के बारे में बैंक ने कहा कि वह बहुत तेज गति से इसे अंजाम दे रहा है. जांच और सत्यापन की 59 मशीनें काम में लगी हैं. हालांकि, बैंक ने इन मशीनों के स्थान के बारे में कोई विशिष्ट जानकारी नहीं दी. गौरतलब है कि  सरकार ने आठ नवंबर 2016 को 500 और 1,000 रुपये के पुराने नोटों को चलन से बाहर कर दिया था. इसके स्थान पर 500 और 2,000 रुपये के नए नोट जारी किए गए थे.