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SBI उपभोक्ताओं को इन तीन बातों की अनदेखी नहीं करनी चाहिए : कुछ फायदा, कुछ नुकसान

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SBI उपभोक्ताओं को इन तीन बातों की अनदेखी नहीं करनी चाहिए : कुछ फायदा, कुछ नुकसान

खास बातें

  1. यदि आपने एसबीआई से लोन लिया है या महज खाताधारक हैं तो यह खबर पढ़ें
  2. एसबीआई ने आधार दर में कटौती की है, इससे ईएमआई कम होगी
  3. चेक बुक और लॉकर की फीस बढ़ी जबकि न्यूनतम बैलेंस पर नए नियम
नई दिल्ली: क्या आप भारतीय स्टेट बैंक के खाताधारक हैं? क्या आप एसबीआई की अन्य सुविधाओं का भी उपयोग करते हैं? यदि हां तो ये खबरें आपके काम की हैं. पांच सहयोगी बैंकों के विलय के बाद अब यह बैंक एक बैंक के तौर पर काम कर रहा है. विलय के बाद एसबीआई के ग्राहकों की संख्या 50 करोड़ हो गई है. इसी के साथ स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने कुछ नियम बदले हैं जिन्हें आपके लिए जानना जरूरी है. इनमें से किसी से आपको फायदा है जबकि कुछ चीजें आपकी जेब पर भारी पड़ेंगी.

रिजर्व बैंक की इस सप्ताह मौद्रिक नीति समीक्षा से पहले देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई ने आधार दर सोमवार को 0.15 प्रतिशत कम कर 9.10 प्रतिशत कर दिया. इससे कर्ज ले रखे लोगों की मासिक किस्त (ईएमआई) कम होगी. बैंक ने कर्ज पर आधार दर या न्यूनतम ब्याज दर 9.25 प्रतिशत से घटाकर 9.10 प्रतिशत कर दिया है. नई दर एक अप्रैल से प्रभावी होगी. बैंक की प्रधान उधारी दर (बीपीएलआर) भी 0.15 प्रतिशत घटकर 13.85 प्रतिशत हो गयी है. इससे मकान और कार के लिये लिए गए पुराने कर्जे की मासिक किस्तें घटेंगी.

एसबीआई ने अपने खाताधारकों से अब चेक बुक और लॉकर के लिए भी अधिक पैसे देने होंगे. इसमें बैंक के साथ विलय हुए छह बैंकों के ग्राहक भी शामिल हैं. एसबीआई के विभिन्न सेवाओं के लिए शुल्क बढ़ाने के निर्णय के बाद अन्य बैंक भी ऐसा करने को प्रोत्साहित हो सकते हैं. इससे देश भर में ग्राहक प्रभावित होंगे. एसबीआई ने लॉकर किराया भी बढ़ा दिया है. साथ ही एक साल में लॉकर के उपयोग की संख्या भी कम कर दी है. 12 बार उपयोग करने के बाद ग्राहकों को 100 रुपये के साथ सर्विस टैक्स देना होगा. चेक बुक के मामले में चालू खाताधारकों को एक वित्त वर्ष में 50 चेक मुफ्त मिलेंगे. उसके बाद उन्हें चेक के प्रति पन्ने के लिए 3 रुपये देने होंगे. इस प्रकार, 25 पन्नों वाले चेक बुक के लिए उन्हें 75 रुपये के साथ सर्विस टैक्स भी देना होगा.

अब मासिक आधार पर छह महानगरों में एसबीआई की शाखा में अपने खाते में औसतन 5,000 रुपये रखने होंगे. वहीं शहरी और अर्ध-शहरी शाखाओं के लिए क्रमश: न्यूनतम राशि सीमा 3,000 रुपये और 2,000 रुपये रखी गई है. ग्रामीण शाखाओं के मामले में न्यूनतम राशि 1,000 रुपये तय की गई है. एसबीआई की वेबसाइट के अनुसार एसबीआई के बचत खाताधारकों को मासिक आधार पर न्यूनतम राशि को अपने खाते में रखना होगा. ऐसा नहीं होने पर उन्हें 20 रुपये (ग्रामीण शाखा) से 100 रुपये (महानगर) देने होंगे. बैंक में 31 मार्च तक बिना चेक बुक वाले बचत खाते में 500 रुपये और चेक बुक की सुविधा के साथ 1,000 रुपये रखने की आवश्यकता थी.

हालांकि सुरभि, मूल बचत खाता और प्रधानमंत्री जनधन योजना खातों में यह व्यवस्था लागू नहीं होगी. पांच साल के अंतराल के बाद भारतीय स्‍टेट बैंक (एसबीआई) आज यानी एक अप्रैल से खातों में मिनिमम बैलेंस नहीं रहने पर पेनल्‍टी वसूलनी शुरू कर दी है. खातों में न्यूनतम बैलेंस नहीं रहने पर अब जुर्माना लगाया जाएगा. जुर्माने की यह राशि न्यूनतम बैलेंस और खातों में कम रह गई रकम के अंतर के आधार पर तय की जाएगी. एसबीआई ने इस बाबत एक नोटिफिकेशन जारी कर कहा था कि महानगरों में अगर खातों में उपलब्ध राशि न्यूनतम बैलेंस के मुकाबले 75 फीसदी से अधिक कम होगी तो 100 रुपये जुर्माना और इस पर सर्विस टैक्स जोड़कर वसूला जाएगा.


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