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जीडीपी में क्यों आई सुस्ती, अमित शाह के दावों की खुली पोल!

बीजेपी के अध्यक्ष अमित शाह ने पिछले दिनों कहा था कि सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर में गिरावट तकनीकी है.

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जीडीपी में क्यों आई सुस्ती, अमित शाह के दावों की खुली पोल!

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह (फाइल फोटो)

मुंबई: बीजेपी के अध्यक्ष अमित शाह ने पिछले दिनों कहा था कि सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर में गिरावट तकनीकी है. लेकिन अब एसबीआई रिसर्च ने कहा है कि सितंबर, 2016 से अर्थव्यवस्था में सुस्ती है और यह तकनीकी नहीं, बल्कि वास्तविक है. जून तिमाही में जीडीपी की वृद्धि दर घटकर 5.7 प्रतिशत के तीन साल के निचले स्तर पर आ गई थी. अमित शाह ने कहा था कि यूपीए सरकार के समय 2013-14 में जीडीपी की वृद्धि दर 4.7 प्रतिशत थी, जो मोदी सरकार में बढ़कर 7.1 प्रतिशत तक पहुंच गई. उन्होंने आगे कहा कि नोटबंदी से औपचारिक अर्थव्यवस्था का आकार बढ़ा है और इससे काला धन सरकारी तंत्र में आया है जिसका इस्तेमाल लोगों के फायदे के लिए किया जा रहा है.

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एसबीआई रिसर्च की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अर्थव्यवस्था की सुस्ती को दूर करने के लिए सार्वजनिक खर्च बढ़ाने की जरूरत है. रिपोर्ट कहती है, हमारा मानना है कि अर्थव्यवस्था सितंबर, 2016 से सुस्ती में है. चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में सुस्ती की वजह तकनीकी रूप से लघु अवधि या क्षणिक भर नहीं है.' रिपोर्ट में कहा गया है कि इस सुस्ती से यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह अस्थायी है या नहीं.

VIDEO : विकास दर 3 साल के निचले स्तर पर
हालांकि, रिपोर्ट में इस सवाल का जवाब नहीं दिया गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि सुस्ती के इस रुख का हल सरकार द्वारा सार्वजनिक खर्च बढ़ाना है. समय की जरूरत यह है कि इस मद में खर्च बढ़ाया जाए. (इनपुट एजेंसी से)


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