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सेंसेक्स में साल की एक दिन की बड़ी गिरावट, राजकोषीय घाटा बढ़ने के डर से 453 अंक लुढ़का

इस गिरावट से बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों के निवेशकों की बाजार पूंजीकरण राशि 1.06 लाख करोड़ रुपये से अधिक घट गई.

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सेंसेक्स में साल की एक दिन की बड़ी गिरावट, राजकोषीय घाटा बढ़ने के डर से 453 अंक लुढ़का

प्रतीकात्मक तस्वीर

मुंबई:

शेयर बाजार में गुरुवार को भारी उठापटक देखी गई और सेंसेक्स में एक दिन के सत्र में साल की सबसे बड़ी गिरावट देखी गई. राजकोषीय घाटा बढ़ने की चिंताओं को इसके पीछे अहम कारण माना जा रहा है. इससे बाजार में बड़े पैमाने पर बिकवाली का दौर निकल पड़ा. बीएसई सेंसेक्स 453 अंक लुढ़ककर 33,149.35 अंक पर बंद हुआ. निफ्टी 10,300 अंक के स्तर से नीचे बंद हुआ. इस गिरावट से बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों के निवेशकों की बाजार पूंजीकरण राशि 1.06 लाख करोड़ रुपये से अधिक घट गई. आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि देश का राजकोषीय घाटा अक्टूबर अंत तक 2017-18 के पूरे साल के बजट अनुमान के समक्ष 96.1% तक पहुंच चुका है. इसकी वजह राजस्व का कम संग्रहण होना और खर्च का बढ़ना है. दूसरी तिमाही के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर आंकड़े जारी होने से पहले निवेशकों ने भी गुरुवार को अपनी स्थिति को कमजोर बनाए रखा.

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ब्रोकरों के अनुसार नवंबर माह के वायदा एवं विकल्प सौदों का निपटान होने और एशियाई बाजारों के कमजोर रुख का असर भी बाजार धारणा पर पड़ा. तीस कंपनियों के शेयर मूल्य पर आधारित सेंसेक्स 453.41 अंक यानी 1.35% गोता लगाकर 33,149.35 अंक पर बंद हुआ. इसकी शुरुआत 33,542.50 अंक से हुई और दिन में कारोबार के दौरान इसका गिरना जारी रहा और एक बार यह 33,108.72 अंक के निचले स्तर तक गिर गया था. नवंबर 2015 के बाद किसी एक सत्र में सेंसेक्स में यह सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. तब यह 514.19 अंक गिर गया था.

इसी प्रकार 50 कंपनियों के शेयरों पर आधारित एनएसई का निफ्टी 134.75 अंक यानी 1.30% गिरकर 10,226.55 अंक रह गया. दिन में कारोबार के दौरान यह 10,300 से 10,211.25 अंक के बीच रहा. निफ्टी में भी यह इस साल 27 सितंबर के बाद दूसरी बड़ी गिरावट रही. तब यह 135.75 अंक गिरा था. जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘राजकोषीय घाटे संबंधी चिंताओं के बढ़ने से बाजार और रुपया गिरा है. इसके अलावा तेल उत्पादक देशों (ओपेक) में तेल उत्पादन बढ़ने की उम्मीदों के चलते भी निवेशकों के बीच बिकवाली का दौर चला.’’

उन्होंने कहा, ‘‘आज नवंबर के वायदा एवं विकल्प डेरीवेटिव सौदे के समाप्त होने और अन्य एशियाई बाजारों में बिक्री होने से अस्थिरता बढ़ने से बाजार प्रभावित हुआ. बैंकों का अच्छा प्रदर्शन नहीं होने का भी असर बाजार पर पड़ा है.’’ बाजार की इस उठापटक में सबसे बुरा प्रदर्शन कोटक बैंक का रहा. इसका शेयर 2.63% तक गिर गया. इसके बाद भारतीय स्टेट बैंक के शेयर में 2.54% की गिरावट देखी गई. इसके अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज, एक्सिस बैंक, विप्रो, टाटा स्टील, ल्यूपिन, एमएंडएम, एचडीएफसी, सन फार्मा, सिप्ला, पावर ग्रिड, आईटीसी, अडाणी पोर्ट, टीसीएस, ओएनजीसी, इंफोसिस और मारुति सुजुकी का प्रदर्शन भी खराब रहा है. केवल डॉक्टर रेड्डीज और एनटीपीसी के शेयर में उछाल देखा गया है. इनमें 0.45% तक की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है.

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)



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