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सेंसेक्स फिर 35,000 अंक के पार, शुरुआती कारोबार में चढ़ा करीब 150 अंक

सुबह 9.20 मिनट पर सेंसेक्स 143 अंक ऊपर 35067 पर और निफ्टी 54 अंक ऊपर 10659 पर कारोबार कर रहा था.

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सेंसेक्स फिर 35,000 अंक के पार, शुरुआती कारोबार में चढ़ा करीब 150 अंक

शेयर बाजार.

मुंबई:

भू-राजनैतिक चिंताओं के कम होने और कच्चे तेल की कीमतों में सुधार होने से शेयर बाजारों में आज रौनक देखने को मिली. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 150 अंक चढ़कर 35,000 अंक के स्तर को पार कर गया. ब्रोकरों के अनुसार रुपये में सुधार ने भी घरेलू बाजारों को मदद की. इसके अलावा अमेरिका-उत्तर कोरिया के बीच होने वाली शिखर वार्ता संबंधी चिंताएं कम होने का लाभ भी बाजार को मिला है. 

बंबई शेयर बाजार का 30 कंपनियों के शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 156.67 अंक यानी 0.44% सुधरकर 35,081.54 अंक पर पहुंच गया. पिछले दो सत्र के कारोबार में इसमें 579.96 अंक की तेजी देखी गई थी. इसी प्रकार नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 53.70 अंक यानी 0.50% बढ़कर 10,658.85 अंक पर खुला है. 

अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम गिरे हैं और भारत में अभी भी बढ़ते हुए दाम का असर है और आज भी देश में तेल कंपनियों ने दाम बढ़ाए हैं. लेकिन देश के शेयर बाजार में गिरते तेल के दाम का असर देखने को मिल रहा है. सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही हरे निशान में कारोबार कर रहे हैं. सुबह 9.20 मिनट पर सेंसेक्स 143 अंक ऊपर 35067 पर और निफ्टी 54 अंक ऊपर 10659 पर कारोबार कर रहा था.


देश के शेयर बाजार सोमवार को मजबूती के साथ खुले. प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स सुबह 9.55 बजे 154.64 अंकों की मजबूती के साथ 35,079.51 पर और निफ्टी भी लगभग इसी समय 52.85 अंकों की बढ़त के साथ 10,658.00 पर कारोबार करते देखे गए. 

बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 149.45 अंकों की मजबूती के साथ 34601.49 पर, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 43.2 अंकों की बढ़त के साथ 10,648.35 पर खुला.

बता दें कि कंपनियों के तिमाही नतीजों का सीजन खत्म होने के बाद अब शेयर बाजार की चाल रुपये के उतार-चढ़ाव, कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों के रुख और वृहद आर्थिक आंकड़ों से तय होगी. विशेषज्ञों ने यह बात कही है.

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘चौथी तिमाही के परिणाम पूर्वानुमान से कम रहने के कारण वित्त वर्ष 2018-19 का पूर्वानुमान कम किया जा सकता है. बांड से प्राप्ति, बढ़ती मुद्रास्फीति, रुपये की गिरावट और चालू खाते का घाटा जैसे वृहद आर्थिक कारण मध्यावधि में बाजार को प्रभावित कर सकते हैं.’’ गुरुवार को डेरिवेटिव्स निपटान की वजह से भी उतार-चढ़ाव रह सकता है. विशेषज्ञों का कहना है कि सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर के आंकड़े भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण होंगे.

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के प्रमुख (प्राइवेट क्लाइंट ग्रुप एंड कैपिटल मार्केट स्ट्रेटजी) वीके शर्मा ने कहा, ‘‘निफ्टी कुछ समय से कच्चे तेल की तेजी और डॉलर की मजबूती से झटका खा रहा है.’’ पिछले कुछ सप्ताह से डॉलर के मुकाबले रुपया तेजी से टूट रहा है. शुक्रवार को रुपया हालांकि 56 पैसे की जोरदार बढ़त के साथ 67.78 प्रति डॉलर पर बंद हुआ.

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इस सप्ताह वाहन कंपनियां भी निवेशकों के आकर्षण के केंद्र में होंगी क्योंकि शुक्रवार को मासिक बिक्री के आंकड़े घोषित होंगे. सप्ताह के दौरान विनिर्माण क्षेत्र के पीएमआई आंकड़े भी जारी होंगे. बाजार पर इनका भी असर हो सकता है.

बीते सप्ताह बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 76.57 अंक या 0.22 प्रतिशत की बढ़त के साथ 34,924.87 अंक पर पहुंच गया था.



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