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कर्नाटक और कच्चे तेल की बढ़ी कीमतों के चलते गिरे शेयर बाजार, लाल निशान के साथ खुले

सुबह 9.20 बजे सेंसेक्स 122 अंक की गिरावट के साथ 35026 पर कारोबार कर रहा था जबकि निफ्टी 28 अंक गिरकर 10653 पर कारोबार कर रहा था. 

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कर्नाटक और कच्चे तेल की बढ़ी कीमतों के चलते गिरे शेयर बाजार, लाल निशान के साथ खुले

शेयर बाजार.

मुंबई: देश के शेयर बाजार सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन लाल निशान के साथ खुले हैं. सुबह 9.20 बजे सेंसेक्स 122 अंक की गिरावट के साथ 35026 पर कारोबार कर रहा था जबकि निफ्टी 28 अंक गिरकर 10653 पर कारोबार कर रहा था. 
देश के शेयर बाजार शुक्रवार को गिरावट के साथ खुले. प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स सुबह 9.50 बजे 142.42 अंकों की गिरावट के साथ 35,006.70 पर और निफ्टी भी लगभग इसी समय 37.40 अंकों की कमजोरी के साथ 10,645.30 पर कारोबार करते देखे गए. 

बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 5.53 अंकों की कमजोरी के साथ 35,143.59 पर, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 10.85 अंकों की कमजोरी के साथ 10,671.85 पर खुला.

बता दें कि कर्नाटक में जारी राजनीतिक घटनाक्रम के बीच बिकवाली दबाव के चलते सेंसेक्स गुरुवार को 239 अंक टूटकर 35,149.12 अंक पर बंद हुआ था. कारोबारियों का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों के बढ़कर 80 डॉलर प्रति बैरल के पास पहुंचने, कंपनियों के ठंडे त्रैमासिक परिणामों तथा वैश्विक बाजारों से मिले जुले रुख का असर घरेलू बाजारों पर रहा था. 

कर्नाटक में भाजपा विधायक दल के नेता बी एस येदियुरप्पा ने गुरुवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. इससे पहले रात में उच्चतम न्यायालय में नाटकीय घटनाक्रम चला. न्यायालय ने हालांकि स्पष्ट किया कि यह केवल शपथ ग्रहण है और सरकार का गठन इस मामले में उसके फैसले पर निर्भर करेगा. 

बीएसई का तीस शेयर आधारित सेंसेक्स सुबह 35,483.62 अंक पर खुला और कारोबार के दौरान 35,510.01 अंक तक चढ़ा था. हालांकि मुनाफा बिकवाली के चलते यह 35,087.82 अंक तक लुढ़कने के बाद यह अंतत : 238.76 अंक की गिरावट दिखाता हुआ 35,149.12 अंक पर बंद हुआ था. 

सेंसेक्स का यह 4 मई के बाद का निम्नतम बंद स्तर है जबकि यह 34,915.38 अंक पर बंद हुआ था. बीते दो सत्रों में सेंसेक्स 168.83 अंक टूटा था. नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी भी 58.40 अंक टूटकर 10,682.70 अंक पर बंद हुआ था. कारोबार के दौरान यह 10,777.25 और 10,664.50 अंक के दायरे में रहा था. 

कारोबारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमतें बढ़कर 80 डालर प्रति बैरल के पास पहुंच गई हैं. इससे भारत जैसे ऊर्जा आयातक देशों के लिए आयात बिल बढ़ने व राजकोषीय घाटे की स्थिति के और खराब होने की आशंका है. कंपनियों के कमजोर तिमाही नतीजों तथा वैश्विक बाजारों से मिले जुले रुख का असर घरेलू बाजारों पर रहा है.

गुरुवार को क्षेत्रवार शेयरों में सबसे अधिक मार एफएमसीजी पर पड़ी.  सूचकांक आधारित शेयरों में सबसे अधिक नुकसान आईटीसी को हुआ जिसका शेयर 2.43 प्रतिशत टूटा. भारती एयरटेल के शेयर में 2.34% की गिरावट आई थी. 

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बिकवाली दबाव से टाटा स्टील , एचडीएफसी लिमिटेड , एक्सिस बैंक , अडाणी पोर्ट्स , यस बैंक , आरआईएल , एनटीपीसी , एशियन पेंट्स , इंडसइंड बैंक , कोटक बैंक , एलएंडटी , आईसीआईसीआई बैंक , डा रेड्डीज , हीरो मोटोकार्प , इन्फोसिस , महिंद्रा एंड महिंद्रा , एचयूएल व टीसीएस के शेयर भी टूटकर बंद हुए थे. 

वहीं कोल इंडिया , सन फार्मा , टाटा मोटर्स , विप्रो , बजाज आटो , ओएनजीसी , एचडीएफसी , मारुति सुजुकी तथा एसबीआई का शेयर चढ़कर बंद हुआ था.


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