अमेरिकी फेड रिजर्व तय करेगा शेयर बाजार की चाल

अमेरिकी फेड रिजर्व तय करेगा शेयर बाजार की चाल

प्रतीकात्मक तस्वीर

मुंबई:

अमेरिका के फेड रिजर्व तथा बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक नीति पर बैठक, मॉनसूनी बारिश की चाल, वैश्विक बाजारों की चाल, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) और घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई), डॉलर के खिलाफ रुपये की दर और कच्चे तेल की कीमतों का अगले सप्ताह भारतीय शेयर बाजारों पर असर दिखेगा. निवेशकों की नजर मानसून की चाल पर टिकी हुई है. भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने 15 सितंबर को जारी अपने साप्ताहिक अनुमान में कहा है कि देश में कुल मिलाकर इस साल एक जून से 14 सितंबर के बीच मानसूनी बारिश दीर्घकालिक औसत से पांच फीसदी कम हुई है.

वहीं, निजी क्षेत्र की जीवन बीमा कंपनी आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस का आईपीओ (आरंभिक सार्वजनिक निर्गम) सोमवार को खुलेगा तथा बुधवार को बंद होगा. इसका प्राइस बैंड 300 से 334 रुपये तय किया गया है. आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस, आईसीआईसीआई बैंक और यूके की कंपनी प्रूडेंशियल कॉरपोरेशन होल्डिंग का संयुक्त उद्यम है. सिंगापुर का टीमसेक (2 प्रतिशत) और प्रेमजी इन्वेस्ट (4 प्रतिशत) भी इसमें शेयरहोल्डर हैं. जेवी में आईसीआईसीआई बैंक की 68 फीसदी और प्रूडेंशियल की 26 फीसदी हिस्सेदारी है.

आईसीआईसीआई बैंक आईपीओ के जरिए 18.13 करोड़ शेयरों या 12.65 फीसदी हिस्से की बिक्री करेगा. कंपनी की इश्यू के जरिए 5000 करोड़ रुपए जुटाने की योजना है. ये इश्यू साइज पिछले छह साल में सबसे बड़ा होगा.

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वहीं, वैश्विक मोर्चे पर बैंक ऑफ जापान के बोर्ड सदस्यों की मौद्रिक नीति पर दो दिवसीय बैठक मंगलवार से शुरू होगी. बैंक ऑफ जापान इस बैठक के बाद मौद्रिक नीति पर बुधवार को बयान जारी करेगा. जापान का केंद्रीय बैंक मुद्रास्फीति के लक्ष्य को दो फीसदी तक रखने में नाकाम रहने के बाद अपने प्रोत्साहन कार्यक्रम की व्यापक समीक्षा करेगा.

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अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीति निर्माताओं की दो दिवसीय बैठक मंगलवार को होगी. फेड रिजर्व ने संकेत दिया है कि इस बैठक में ब्याज दरों को यथावत रखा जाएगा. 15 सितंबर को जारी किए गए आर्थिक आंकड़ों में अमेरिका के औद्योगिक उत्पादन का प्रदर्शन निराशाजनक रहा था. इससे निवेशकों को उम्मीद है कि शायद फेड रिजर्व ब्याज दरें बढ़ाए. फेड रिजर्व ने जुलाई में हुई बैठक के बाद लगातार पांचवीं बार ब्याज दरों को 0.25 फीसदी से 0.5 फीसदी रखा था.